
धरने पर बैठे परिजन व अन्य लोग। फोटो: पत्रिका
बीकानेर। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक और प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रसूता की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजन बुधवार सुबह से ही मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हुए है। धरने पर बैठे लोगों ने चेतावनी दी है कि जब तक कमला को न्याय नहीं मिलेगा, धरना जारी रहेगा।
युवा नेता रामनिवास कूकणा की अगुवाई मेंं धरने के दौरान दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई के साथ-साथ सक्षम मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग उठाई गई। साथ ही कमला के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। मृतका के पति ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी और पुलिस शव जबरन ले गई।
पति मेघराज ने बताया कि कमला करीब एक महीने से आईसीयू में भर्ती थी। करीब 15 दिन पहले उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था और पांच दिन पहले आईसीयू में ही ट्रेकियोस्टोमी की गई थी। मंगलवार को उसके गले से काफी खून बह रहा था। दोपहर करीब 12:30 बजे पैकिंग खोलने की बात कहकर उसे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। करीब एक घंटे बाद वापस आईसीयू लाया गया और शाम करीब सवा चार बजे मौत की सूचना दी गई।
उनका आरोप है कि डॉक्टरों ने यह भी नहीं बताया कि कमला को ऑपरेशन थिएटर क्यों ले जाया गया था। कमला की मौत की खबर मिलते ही परिजन गुस्से में आ गए और अस्पताल में हंगामा हो गया। सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मॉर्चरी में शिफ्ट कराया। पति मेघराज का आरोप है कि इलाज में लापरवाही हुई और पुलिस शव जबरन ले गई। उन्हें अंतिम बार शव देखने तक नहीं दिया गया। घटना के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। मॉर्चरी के बाहर पुलिस तैनात की गई
नापासर निवासी मेघराज की पत्नी कमला को प्रसव पीड़ा होने पर 8 जून की सुबह पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन शाम को उसका सीजेरियन प्रसव किया गया। इसके बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। जांच में किडनी संक्रमण सामने आने के बाद 10 जून को उसे मेडिसिन आईसीयू में शिफ्ट किया गया। कमला का आईसीयू में उपचार चल रहा था और समय-समय पर डायलिसिस भी की जा रही थी। चार दिन पहले गले में तकलीफ होने पर उसका ऑपरेशन भी किया गया था, लेकिन इसके बाद स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ और मंगलवार को उसकी मौत हो गई।
इससे पहले पीबीएम अस्पताल में किडनी संक्रमण से दो प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। सूरतगढ़ निवासी प्रीति को 15 मई को नागौर से बीकानेर रेफर किया गया था। किडनी संक्रमण के चलते 16 मई को उसे पोस्ट कोविड आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां करीब एक माह तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहने के बाद 19 जून को उसकी मौत हो गई थी। वहीं रामपुरा बस्ती निवासी शारदा को 3 जून को पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 4 जून को सीजेरियन प्रसव के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और किडनी संक्रमण सामने आया। 5 जून को उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। हालत गंभीर होने के बाद 21 जून को उसकी मौत हो गई थी।
Updated on:
15 Jul 2026 01:04 pm
Published on:
15 Jul 2026 01:04 pm
