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खेल, मस्ती और फिटनेस का फुल पैकेज: टर्फ-बॉक्स क्रिकेट का बढ़ता क्रेज

बदल रहा खेलों का प्रारूप, युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक उठा रहे लुत्फ

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दुनिया चांद पर पहुंच गई है। यह पंचलाइन लगता है एआई के मौजूदा दौर में पुरानी हो गई है। खेल क्षेत्र को ही लें। जहां क्रिकेट-हॉकी, फुटबॉल, टेनिस जैसे पारंपरिक खेलों में भी तेजी से बदलाव हुआ। असर मौदानों तक भी पहुंचा। पारंपरिक क्रिकेट और फुटबॉल, जो कभी सिर्फ बड़े मैदानों का खेल थे, अब छोटे और स्मार्ट फॉर्मेट में लोगों को भा रहे हैं। बॉक्स क्रिकेट और टर्फ जैसे नए प्रारूप ने इस बदलाव को गति दी है। बीकानेर समेत राजस्थान के कई जिलों में अब ऐसे कॉम्पैक्ट मैदानों का चलन बढ़ता जा रहा है, जो सिर्फ खेल नहीं, बल्कि मनोरंजन, फिटनेस और सोशलाइजिंग का नया अड्डा बनते जा रहे हैं। इन छोटे फॉर्मेट्स की खास बात यह है कि इनमें बड़े मैदानों की तरह दौड़-भाग नहीं करनी पड़ती। इससे बढ़ती उम्र के लोग यहां तक कि कामकाजी पुरुष-महिलाएं भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। खासकर वीकेंड्स पर। रविवार और छुट्टियों के दिन लोगों को खेलने के लिए इंतजार करना पड़ता है।

खेलो-खाओ साथ-साथ

इन छोटे मैदानों पर खेल के साथ-साथ खानपान की भी व्यवस्थारहती है। लोग पहले खेल और फिर खान-पान का भी लुत्फ उठाते हैं। कई जगह स्विमिंग पूल जैसी व्यवस्था भी है। एक्सरसाइज के लिए हाईटेक जिम इसे और खास बनाते हैं। होटल्स और रिसॉर्ट्स तेजी से इस ट्रेंड को अपना रहे हैं। क्रिकेट कोच सैफ अली खान के अनुसार, बीकानेर के घड़सीसर में 360 डिग्री गोलाई में राजस्थान का सबसे बड़ा बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड तैयार किया गया है। यहां फ्लड लाइट्स हैं, जिससे रात्रि क्रिकेट भी संभव है। शहर के कई इलाकों में मल्टीपरपज स्पोर्ट्स एरेना विकसित हो रहे हैं। क्रिकेटर दिलकांत माचरा कहते हैं, लोगों के पास ज्यादा वक्त नहीं होता। कम समय में खेल और मनोरंजन का अनुभव देना इन मैदानों की सबसे बड़ी खूबी है।