14 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जांच में होगा खुलासा, कौन थी वो महिला, जिसकी मदद से करते थे ब्लैकमेलिंग का काम

सूत्रों की मानें तो श्रीगंगानगर जिले की एक महिला का जैतपुर चौकी में अक्सर आना-जाना रहता था। उसके सहयोग से ब्लैकमेलिंग का सारा खेल चल रहा था।

3 min read
Google source verification
ACB team investigation

जैतपुर पुलिस चौकी स्टाफ के एक महिला की मदद से लोगों को फंसाकर ब्लैकमेलिंग करने के मामले का खुलासा होने के बाद अभी महिला के बारे में पुलिस को कुछ पता नहीं चला है। पुलिस का कहना है कि इसका खुलासा आगे की जांच में होगा, जबकि सूत्रों की मानें तो श्रीगंगानगर जिले की एक महिला का जैतपुर चौकी में अक्सर आना-जाना रहता था।

उसके सहयोग से ब्लैकमेलिंग का सारा खेल चल रहा था। श्रीगंगानगर एसीबी के एएसपी राजेन्द्र ढिढारिया ने बताया कि तीनों पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया गया है। महिला के बारे में पता नहीं किया है। इसमें आगे की कार्रवाई जांच अधिकारी करेगा। महिला की इन आरोपितों के साथ संबद्धता, मामले में भूमिका आदि की जांच की जाएगी।

तीनों कर्मचारियों की मिलीभगत
एएसपी ढिढारिया ने बताया कि ब्लैकमेलिंग के मामले में चौकी इंचार्ज शिवराम मीणा, कांस्टेबल राकेश स्वामी व देवीलाल मेघवाल की मिलीभगत थी। एसीबी टीम ने ट्रैप की कार्रवाई के दौरान जब्त की रिकॉर्डिंग में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिकॉर्डिंग में पता चला कि आरोपितों ने ४५०० रुपए लिए और शेष ७००० रुपए चार जनवरी को देने के लिए परिवादी को कहा था।

सूनी पड़ी है चौकी
जैतपुर चौकी इंचार्ज शिवराम मीणा, कांस्टेबल राकेश स्वामी व देवीलाल मेघवाल को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा ने इस संबंध में सोमवार को आदेश जारी किए। इनके निलंबन से अब जैतपुर चौकी सूनी हो गई है। अब तक वहां नया स्टाफ नहीं लगाया गया है।

तीनों आरोपितों को जेल भेजा
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम की ओर से रविवार को जैतपुर पुलिस चौकी में एक महिला के सहयोग से लोगों को ब्लैकमेल करने और रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार चौकी इंचार्ज हैड कांस्टेबल व दोनों सिपाहियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। श्रीगंगागनर एसीबी प्रभारी एएसपी राजेन्द्र प्रसाद ढिढारिया ने बताया कि हैड कांस्टेबल शिवराम मीणा, कांस्टेबल राकेश स्वामी व कांस्टेबल देवीलाल मेघवाल को बीकानेर जिला भ्रष्टाचार निवारण अदालत में पेश किया गया था।

यह है मामला

परिवादी मुकेश ने श्रीगंगानगर एसीबी को महाजन थाने की जैतपुर चौकी इंचार्ज और दो कांस्टेबलों के खिलाफ महिला के साथ उसकी अश्लील फोटो खींचकर ब्लैकमेल करने की शिकायत की थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी श्रीगंगानगर के एएसपी राजेन्द्र ढिढारिया के नेतृत्व में टीम ने तीनों पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते दबोच लिया।

पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली की जांच होगी
जैतसर चौकी के तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग व रिश्वत के मामले सामने आने से खाकी से जुड़ा हर कोई स्तब्ध है। पुलिस के उच्च अधिकारी भी पुलिसकर्मियों के इस कदर गिर जाने से चिंतित हैं। पुलिस महानिरीक्षक बिपिन कुमार पाण्डेय से इस संबंध में जब 'राजस्थान पत्रिका' ने बातचीत की तो

उन्होंने पुलिस चौकियों की आकस्मिक जांच कराने, कांस्टेबल से लेकर एएसआई तक के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की गुप्त जांच कराने, थानों में लंबे समय से नियुक्त हैडकांस्टेबल व कांस्टेबलों के तबादले करने की बात कहते हुए माना कि यह प्रकरण पुलिस के लिए शर्मनाक है। इससे पुलिस की साख प्रभावित हुई है।

आईजी पाण्डेय से बातचीत
सवाल : जैतपुर चौकी प्रकरण में आपने अब तक क्या किया?
एसीबी जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक से इस मामले की अब तक की रिपोर्ट मांगी है।
सवाल : क्या महाजन थाना प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे?
एसीबी सभी पहलुओं पर जांच कर ले, फिर हम नए सिरे से जांच करेंगे। इस प्रकरण में हर स्तर पर जांच की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सवाल : पुलिस चौकियों की आकस्मिक जांच को लेकर कोई योजना है?
पुलिस चौकियों की आकस्मिक जांच करने की व्यवस्था की जाएगी।
सवाल : थानों में बरसों से कांस्टेबल, हैडकांस्टेबल तैनात हैं, उन्हें बदलेंगे?
पुलिस महकमे की पॉलिसी के तहत तबादले होते है। इसके बावजूद कोई वर्षों से जमा है तो उन्हें बदलने का काम किया जाएगा।
सवाल : क्या इस प्रकरण से पुलिस की छवि प्रभावित हुई है?
गलत काम किसी भी विभाग में हो, छवि धूमिल ही होती है। तीन कर्मचारियों की वजह से पूरी फोर्स की छवि प्रभावित हुई है।

बड़ी खबरें

View All

बीकानेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग