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प्याज के बाद अब अनार ने किसानों को रुलाया, नहीं मिल रहा भाव

जसरासर व कातर क्षेत्र में गत वर्षों बम्पर फसल होने के बाद भाव नहीं मिलने पर प्याज ने रुलाया था। इस वर्ष शीत लहर व पाले ने अनार की फसल को नुकसान पहुंचाकर किसानों के घाव में नमक डालने का कार्य कर दिया। किसानों ने कृषि में नवाचार को लेकर अनार की खेती शुरू की लेकिन करीब 80 फीसदी फसल खराब होने से किसान चिंतित हैं।
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बीकानेर

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Nikhil Swami

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Updated: 9 Feb 2019, 11:39 AM IST

farmers

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बीकानेर. जसरासर. जसरासर व कातर क्षेत्र में गत वर्षों बम्पर फसल होने के बाद भाव नहीं मिलने पर प्याज ने रुलाया था। इस वर्ष शीत लहर व पाले ने अनार की फसल को नुकसान पहुंचाकर किसानों के घाव में नमक डालने का कार्य कर दिया। किसानों ने कृषि में नवाचार को लेकर अनार की खेती शुरू की लेकिन करीब 80 फीसदी फसल खराब होने से किसान चिंतित हैं।

क्षेत्र के किसानों ने कई स्थानों पर प्रशिक्षण लेकर अनार की खेती शुरू की। अनार की फसल तैयार होने में करीब तीन वर्ष लगते हैं। इस साल अनार की पहली फसल मिलनी थी और पौधों पर फाल भी अच्छा लगा था लेकिन चार-पांच दिन पूर्व चली शीत लहर ने पकाव पर आई अनार की फसल को खराब कर दिया। नुकसान की भरपाई के लिए कुछ किसानों ने कृषि विभाग व सम्बंधित एजेंसियों से सम्पर्क किया लेकिन सकारात्मक जवाब नहीं मिला।


किया था नवाचार
गिरवरसर के किसान राजेन्द्र गोदारा, रामप्रताप, ईशरराम आदि ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व जलगांव महाराष्ट्र से दो हजार अनार के पौधे लेकर खेत में बगीचा लगाया था लेकिन पहली फसल ही 80 फीसदी नष्ट हो गई। किसान जेठाराम व श्याम बाना ने बताया कि जिस किसान के खेत ऊंचाई पर थे। वहां शीतलहर व पाले का असर नहीं हुआ लेकिन खेत ढलान पर होने से फसल खराब हो गई।

प्याज ने भी रुलाया था
गौरतलब है कि यहां के किसानों ने नलकूप खुदवाकर मूंगफली की खेती शुरू की थी लेकिन कुछ समय बाद क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर काफी नीचे चला गया। इसके बाद बागानी फसल प्याज लगाकर नवाचार किया लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। उस समय इस क्षेत्र में प्याज की बम्पर फसल होने से भाव एकदम नीचे गिर गए और खरीदार हीं नही मिले। प्याज के सडऩे पर गड्ढे खोदकर जमीन में दबा दिया और खाद-बीज व अन्य उधारी में किसान कर्ज के तले दब गया।

पशुओं को खिला रहे
क्षेत्र के एक दर्जन किसानों ने करीब 70 बीघा जमीन पर 14 हजार अनार के पौधे लगाकर खेती की थी। यदि फसल खराब नहीं होती तो करीब 1400 क्विंटल अनार की पैदावार होती लेकिन तेज सर्दी के कारण अनार खराब होने से लाखों का नुकसान हुआ है।


प्राकृतिक आपदा पर अनुदान की स्कीम नही है लेकिन पाले की आशंका होने पर फसल में हल्की सिंचाई कर रात को कचरा जलाकर धुंआ करने से इससे बच सकते हैं।
विजयपुरी, सहायक कृषि अधिकारी, उद्यान विभाग, चूरू