दोनों मोबाइल पर बातचीत करने लगे। आरोपी कैलाश के बहला-फुसलाने से वह गांव जाकर उसके साथ रिलेनशिप में पति-पत्नी की तरह रहने लगी। उसके पिता ने शादी में सोने की रखड़ी, ठूसी, मंगलसूत्र, टॉप्स, चांदी की पायजेब सहित अन्य आभूषण दिए थे। उनको भी साथ ले गई। ये आभूषण कैलाश के पिता दुर्गाराम को संभलवा दिए। दोनों उसे ले जाने के कुछ समय बाद तंग-परेशान करते हुए उसके पिता से पांच लाख रुपए और लाने की मांग करने लगे। उसने अपने पिता के गरीब होने का हवाला देते हुए रुपए नहीं देने की मजबूरी बताई। दोनों आरोपी उसे दहेज के लिए प्रताडि़त करने लगे, तो उसने अपने पिता व भाई को इसके बारे में बताया, उन्होंने पंचायती कर उन्हें समझाया।