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जूनागढ़ में भरा धींगा गणगौर मेला, 34 दिवसीय गणगौर पूजन उत्सव संपन्न

धींगा गणगौर का मेला भरा

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Dhinga Gangaur fair was held in Junagadh.

धींगा गणगौर का मेला भरागुरुवार को बीकानेर के जूनागढ़ में गणगौर के धींगा गणगौर का मेला भरा मेले में एक फ्रांसी विदेशी सैलानी गणगौर को अपने सर पर रखकर ले जाते हुए। फोटो नौशाद अली

Dhinga Gangaur fair was held in Junagadh.

बीकानेर. धुलंडी के दिन से चल रहे 34 दिवसीय गणगौर पूजन उत्सव की पूर्णाहुति गुरुवार को हुई। गणगौर पूजन उत्सव के आखिरी दिन शहर में धींगा गणगौर प्रतिमाओं की सवारी निकली। गणगौरी नृत्य हुए। परंपरानुसार जूनागढ़ प्रांगण में गणगौर का मेला भरा पूर्व बीकानेर राज परिवार और रायसिंह ट्रस्ट की ओर से मेले में पहुंची गणगौर प्रतिमाओं के खोळ भराई की रस्म निभाई गई। इस दौरान 185 गणगौर प्रतिमाओं के खोळ भराई की रस्म हुई। फोटो नौशाद अली

Dhinga Gangaur fair was held in Junagadh.

गाजे-बाजे से पहुंची प्रतिमाएंजूनागढ़ में भरे धींगा गणगौर मेले में गणगौर प्रतिमाएं गाजे-बाजे के बीच पहुंची। महिलाओं ने गणगौर प्रतिमाओं को अपने सिर पर विराजित कर पारंपरिक गणगौरी नृत्य किए। मेले के दौरान जूनागढ़ प्रांगण पूरा गणगौर मय नजर आया। कई विदेशी पर्यटक भी गणगौर के सतरंगी उत्सव को देख उत्साहित हुए। कई पर्यटकों ने भी अपने सिर पर गणगौर प्रतिमाओं को विराजित कर फोटो खिंचवाए फोटो नौशाद अली

Dhinga Gangaur fair was held in Junagadh.

.बीकानेर में धुलंडी के दिन से चल रहे 34 दिवसीय गणगौर पूजन उत्सव की पूर्णाहुति गुरुवार को हुई। दशकों पुरानी परंपरा अनुसार जूनागढ़ प्रांगण में धींगा गणगौर का मेला भरा। पूर्व बीकानेर राज परिवार व रायसिंह ट्रस्ट की ओर से धींगा गणगौर प्रतिमाओं के खोल भराई की रस्म निभाई गई। गणगौर प्रतिमाओं का मिठाई, नारियल व नकद राशि से खोल भराई की गई। एक पखवाड़े तक धींगा गणगौर का पूजन हुआ। इससे पहले गाजे-बाजे के साथ गणगौर प्रतिमाएं जूनागढ़ पहुंची। बालिकाओं व महिलाओं ने पारंपरिक गणगौरी नृत्य प्रस्तुत किए। कई महिलाओं ने गणगौर प्रतिमाओं को अपने सिर पर विराजित कर नृत्य किए। पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों से श्रृंगारित गणगौर प्रतिमाओं को जूनागढ़ मेले में लाया गया। यहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने पताशा, मिश्री, दमेदा, सुहाग सामग्री, ऋतुफल, नकद राशि से गणगौर प्रतिमाओं की खोल भराई की। फोटो नौशाद अली

Dhinga Gangaur fair was held in Junagadh.

लात्मक आभूषण व पारंपरिक वस्त्रजूनागढ़ मेले में गणगौर प्रतिमाएं कलात्मक आभूषणों और पारंपरिक वस्त्रों से सज धज कर पहुंचीं। कई गवर की प्रतिमाएं दुल्हन, राजस्थानी महिला, परी आदि के रूप में श्रृंगारित नजर आईं। वहीं ईसर की प्रतिमाएं राजस्थानी पुरुष, दूल्हा, राजस्थानी बाकडला जवान के रूप में नजर आए। भाईया की प्रतिमाएं भी सज धज कर पहुंचीं। फोटो नौशाद अली