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प्रदेश में मर्ज करने से बंद हुए स्कूलों को चुनाव से पहले खोलने की कवायद

प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में मर्ज कर बंद किए गए 3717 सरकारी स्कूलों को फिर खोलने के लिए मौजूदा सरकार ने कवायद तेज कर दी है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से बंद किए गए स्कूल खोलने के लिए प्रस्ताव मांगे हुए हैं।
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बीकानेर. प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में मर्ज कर बंद किए गए 3717 सरकारी स्कूलों को फिर खोलने के लिए मौजूदा सरकार ने कवायद तेज कर दी है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से बंद किए गए स्कूल खोलने के लिए प्रस्ताव मांगे हुए हैं।

यह प्रस्ताव बुधवार तक लिए जाएंगे और सरकार लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले स्कूलों को पुन: शुरू करने के आदेश जारी कराने के प्रयास में है। इसके साथ ही कांग्रेस ने स्कूल पुन: खोलने को लेकर भाजपा पर हमले करने भी शुरू कर दिए हैं।


शासन सचिव (प्रथम) प्रदीप गोयल ने 22 जनवरी को प्रारम्भिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर आरटीई नॉम्र्स के अनुसार स्कूली शिक्षा के अधीन समन्वित किए गए प्राथमिक, उच्च प्राथमिक तथा माध्यमिक विद्यालयों की समीक्षा कर पुन: खोलने के लिए प्रस्ताव मांगे थे।


इस पर निदेशक ने जिला शिक्षा अधिकारियों और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को 6 फरवरी तक प्रस्ताव भेजने के लिए कहा।
प्रदेश के कुछ जिला शिक्षा अधिकारी प्रस्ताव भेज चुके हैं। शेष के प्रस्ताव के लिए मंगलवार को दिनभर निदेशालय में जिला व ब्लॉक अधिकारियों को स्मरण कराया गया।

भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप
प्रदेश में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय 20 हजार स्कूल मर्ज किए गए थे। इनमें कई जगह स्कूल बंद करने का स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया था। अब कांग्रेस की सरकार बनने के बाद प्रदेश में इन बंद स्कूलों की समीक्षा कर पुन: खोलने का एेलान किया गया।

इसे लेकर शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने भाजपा पर हमला भी बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने स्कूल बंद किए, हमारी सरकार खोल रही है। वहीं भाजपा नेता भी इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

भाजपा ने स्कूल बंद किए, हम खोल रहे
पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने शिक्षकों की भर्ती और साधन-संसाधन उपलब्ध कराने की बजाय स्कूलों को मर्ज कर बंद करने का काम किया। अब हमारी सरकार प्रदेश में बंद किए गए स्कूलों को फिर से खोल रही है।
गोविन्द सिंह डोटासरा, शिक्षा मंत्री (बीकानेर में कहा)


खोलना बड़ी बात नहीं, अच्छे से चलाना महत्वपूर्ण
किसी भी सरकार के लिए स्कूल खोलना कोई बड़ी बात नहीं है। महत्वपूर्ण है सरकारी स्कूलों को अच्छे से संचालित करना। कांग्रेस अब इस मामले को राजनीतिक रंगत जरूर देने का प्रयास कर रही है।
सतीश पूनिया, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा