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डेढ़ साल बाद नौनिहालों ने रखा स्कूल में कदम

डेढ़ साल बाद नौनिहालों ने रखा स्कूल में कदम
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बीकानेर

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Atul Acharya

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Updated: 28 Sep 2021, 6:07 PM IST

डेढ़ साल बाद नौनिहालों ने रखा स्कूल में कदम

डेढ़ साल बाद नौनिहालों ने रखा स्कूल में कदम

बीकानेर . राज्य में करीब डेढ़ साल बाद स्कूलों में पहली से बारहवीं तक की कक्षाएं लगनी शुरू कर दी गई है। सबसे पहले सरकार ने नवीं से बारहवीं तक कक्षा शिक्षण शुरू किया फिर उसके बाद 20 सितंबर से छठी से आठवीं तक की कक्षाएं लगनी शुरू की और सोमवार से पहली से पांचवीं तक के बच्चों को भी स्कूल बुलाना शुरू कर दिया। इस तरह अब राज्य में शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लाने के प्रयास शुरू कर दिए गए है। हालांकि प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति पहले दिन काफी कम रही लेकिन धीरे धीरे इनकी उपस्थिति बढऩे लगेगी। स्कूलों में अभी भी कोरोना गाइड लाइन के अनुसार कक्षा कक्षों की क्षमता से आधे विद्यार्थी ही बुलाने की अनुमति दी गई है साथ ही सेनेटाइजर और मास्क हर बच्चे के जरूरी रखा गया है। जो बच्चे अभी स्कूल नहीं आ रहे हैं उन्हें ऑनलाइन शिक्षण, व्हाट्स एप से शिक्षण सामग्री भेजने आदि के निर्देश है।

छोटे बच्चों को भेजने में हिचक रहे अभिभावक
सरकार ने तो प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक तक की शिक्षण व्यवस्था को पटरी पर लाने के सारे रास्ते खोल दिए है लेकिन छोटे बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर अभिभावक अभी हिचक रहे है। उसकी वजह ये है कि छोटे बच्चे कोरोना गाइड लाइन का पूरी तरह पालन नहीं कर सकते है ऐसे में शिक्षकों और स्कूल की जरा सी लापरवाही बच्चों के लिए भारी पड़ सकती है। ये ही वजह है कि अभिभावक अभी अपने छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में हिचक रहे है वे कुछ दिन देखना चाहते है कि स्कूल खुलने के बाद कोरोना का बच्चों पर क्या असर रहता है। जब स्कूलें खुलने के बाद भी कोरोना के केस नहीं बढ़ेंगे तो अभिभावकों का भाई दूर होगा और फिर स्कूलों में पहले की तरह चहल पहल बढऩी शुरू हो जाएगी। नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की संख्या तो स्कूलों में बढऩे लगी है छठी से आठवीं तक के बच्चों की संख्या में भी धीरे धीरे बढ़ोतरी होनी शुरू होने लगी है। अभिभावक इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को स्कूल भेजने को तैयार होने लगे है लेकिन कुछ सरकारी स्कूलों में पचास फीसदी की लिमिट के चलते एक दिन छोड़कर एक दिन आधे आधे बच्चों को बुलाया जा रहा है।