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आंगनबाड़ी केन्द्रों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए आई खुशखबरी, बच्चों की प्रवेश उम्र बढ़ाई

Rajasthan News : आंगनबाड़ी केन्द्रों में अब छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जा सकेगा। जबकि पूर्व में पांच वर्ष तक के बच्चों को प्रवेश देने की गाइडलाइन जारी की गई थी। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा स्कूलों में प्रवेश के लिए पूर्व में जारी की गई गाइडलाइन में संशोधन किया है।

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Rajasthan News : आंगनबाड़ी केन्द्रों में अब छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जा सकेगा। जबकि पूर्व में पांच वर्ष तक के बच्चों को प्रवेश देने की गाइडलाइन जारी की गई थी। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा स्कूलों में प्रवेश के लिए पूर्व में जारी की गई गाइडलाइन में संशोधन किया है। संशोधित गाइडलाइन के अनुसार तीन से 18 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को चिन्हित करना है। इसके बाद 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में एवं 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को स्कूलों में नामांकित करना है। जबकि पूर्व 3 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में नामांकित के आदेश जारी किए गए थे। इसके अलावा विद्यालय के निकटतम आंगनबाड़ी में नामांकित 6 या अधिक वर्ष के बालक-बालिकाओं का विद्यालय में नामांकन कराया जाएगा। वार्ड वार नियुक्त अध्यापकों की ओर से निर्वाचक नामावली के अनुसार 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग एवं 6 से 18 वर्ष तक की आयुवर्ग की सूचना पीइइओ एवं यूसीइइओ को देनी होगी।

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…ताकि कोई शिक्षा से न छूटे
वार्डवार नियुक्त अध्यापक निर्वाचक नामावली एवं हाउस होल्ड के आधार पर सर्वे करेंगे। सर्वे के दौरान बस स्टैण्ड, निर्माणाधीन भवन, गांव के बाहर कोई छोटी बस्ती, ढाणी, मजरा, पुरवा, खेत पर रहने वाले परिवार, मौसमी पलायन, प्रवासी मजदूरों के परिवारों को भी शामिल कर उनके बालक-बालिकाओं की सूची बनाई जाएगी। इस सूची के आधार पर नामांकन बढ़ाने के लिए नजदीकी स्कूलों के प्रधानाध्यापक को सूची सौंपी जाएगी। इसके अलावा हाउस होल्ड सर्वे में चिन्हित 3 से 18 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं को आंगनबाड़ियों, विद्यालयों, स्टेट ओपन, एनआईओएस, पत्राचार पाठ्यक्रमों अथवा अन्य शैक्षिक संस्थानों से आयु अनुरूप कक्षाओं में जोड़ा जाएगा।

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यह भी होगा
सर्वे में चिन्हित कक्षा प्रथम में आयु अनुरूप प्रवेश योग्य बच्चों को शिक्षा से वंचित की श्रेणी में नहीं माना जाएगा। उन्हें पहली कक्षा में शाला दर्पण के नवीन प्रवेश प्रविष्टि मॉड्यूल में सूचीबद्ध किया जाएगा। हाउस होल्ड सर्वे का कार्य प्रवेशोत्सव में पूर्ण किया जाएगा। इसके बाद चिन्हित बालक-बालिकाओं का उनके निवास स्थान के नजदीकी विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा।