
गजेंद्र सिंह दहिया
प्रदेश में पहली बार सरकारी कॉलेज के स्तर पर बैचलर आफ प्लानिंग यानी बी. प्लान का पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहा है। जोधपुर के एमबीएम विश्वविद्यालय को इसके लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने मान्यता दी है। विश्वविद्यालय इसी शैक्षणिक सत्र से 60 सीटों के लिए बी प्लानिंग पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगा। 12वीं पास छात्र-छात्राओं को जेईई मेंस के प्राप्तांकों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। एमबीएम विश्वविद्यालय ने इसके लिए नई फैकल्टी आर्किटेक्चर एंड टाउन प्लानिंग और नया विभाग प्लानिंग डिपार्मेंट का भी गठन किया है। इससे बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए आने वाले दिनों में शहरी नियोजन के लिए अच्छी इंजीनियर उपलब्ध हो सकेंगे।
8 सेमेस्टर में विभक्त होगी पढ़ाई
बी. प्लानिंग पाठ्यक्रम में यह होगा शामिल
जैसे-जैसे शहरीकरण विश्व स्तर पर तेजी से बढ़ रहा है, कुशल योजनाकारों की मांग बढ़ रही है। बी प्लानिंग स्नातक बेहतर भविष्य के लिए शहरों और कस्बों को आकार दे सकेंगे। अधिक स्मार्ट सिटीज विकसित हो सकेगी।
प्रो. अजय शर्मा, कुलपति, एमबीएम विश्वविद्यालय जोधपुर
बी प्लानिंग पाठ्यक्रम व्यावहारिक अनुभवों के साथ सैद्धांतिक ज्ञान देता है। इससे छात्र प्रदेश की विभिन्न परियोजनाओं में शामिल हो सकेंगे। इससे नियोजित विकास होगा।
डॉ. कमलेश कुम्हार, आर्किटेक्चर एण्ड प्लानिंग फैकल्टी, एमबीएम विवि जोधपुर
Updated on:
04 Jul 2024 09:00 am
Published on:
04 Jul 2024 09:00 am
