
फर्जी क्राइम ब्रांच व एसीबी अधिकारी बनकर बीकानेर में ठगी कर रहा युवक मंगलवार को कोटगेट पुलिस की गिरफ्त में आ गया। आरोपी पवन कुमार को न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि में पुलिस यह जानने में जुटी है कि आरोपी ने कहां-कहां और किन लोगों को ठगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सौरभ तिवाड़ी ने बताया कि आरोपी खुद को विभिन्न सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह करता था। पूछताछ में सामने आया है कि वह इसी साल मार्च में पंजाब के मोहाली में भी होटल से एक लाख रुपए का बिल चुकाए बिना भाग गया था। वहां के फेज-1 थाने में मामला दर्ज है। वहां वह कलक्टर बन कर ठहरा था।
हर जगह नई पहचान, नया विभाग
कोटगेट थाना उप निरीक्षक गौरव बोहरा के अनुसार, पवन कुमार बेहद शातिर है। वह शहर के हिसाब से अपनी पहचान बदलता था। मिठाई की दुकान या होटल में जाता, तो खुद को फूड इंस्पेक्टर बताता। ज्वैलर्स के यहां इनकम टैक्स अधिकारी बन जाता। बीकानेर में उसने चार दिन तक क्राइम ब्रांच, एसीबी और फूड इंस्पेक्टर बन कर ठगी की कोशिश की।
फेसबुक पर दोस्ती, होटल में तीन दिन ठहरा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी की फेसबुक पर मोहाली की एक महिला से दोस्ती थी। बीकानेर आने पर उसने उसे मिलने बुला लिया और दोनों मोती भवन होटल में तीन दिन तक साथ ठहरे। पूछताछ में महिला ने बताया कि वह आरोपी के किसी फर्जीवाड़े से अनजान थी। पुलिस ने महिला के परिजनों से बातचीत के बाद उसे छोड़ दिया।
कार किराए पर ली, पैसे मांगे तो धमकाया
पवन कुमार ने बीकानेर में इस्लामुद्दीन नामक युवक से कार किराए पर ली थी। किराए के 16 हजार और अन्य खर्च के नौ हजार रुपए मांने पर आरोपी ने खुद को अधिकारी बताकर उसे धमकाया। इस पर इस्लामुद्दीन ने एएसपी सिटी के गनमैन से जानकारी ली कि क्या शहर में कोई एसीबी अधिकारी आया है। शक होने पर गनमैन ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।मोती भवन होटल से आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे पकड़ा गया। उसके पास किसी भी विभाग का कोई वैध पहचान पत्र नहीं मिला। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने और किन शहरों में इसी तरह की वारदातें की हैं।
Updated on:
25 Jun 2025 12:36 am
Published on:
25 Jun 2025 12:36 am
