11 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अस्पतालों में रोगी के साथ पहुंचने वाले परिजनों के लिए बढ़ी परेशानी

राजकीय अस्पतालों में धर्मशाला के नाम से बनाया भवन अब आमजन के लिए ठहरने के बजाय कार्यालय उपयोग में लिया जाएगा।

2 min read
Google source verification
hospital

अस्पताल

भागीरथ ज्याणी/बज्जू .राज्य सरकार की ओर से राजकीय अस्पतालों में धर्मशाला के नाम से बनाया भवन अब आमजन के लिए ठहरने के बजाय कार्यालय उपयोग में लिया जाएगा। इससे एक बार फिर से अस्पतालों में रोगी के साथ पहुंचने वालों परिजनों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।

गौरतलब है कि बड़े अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के ठहरने की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार ने करीब पांच वर्ष पूर्व लाखों की लागत से धर्मशाला बनाकर आमजन को सौगात दी थी लेकिन धर्मशाला के शुरू होने से पहले ही अब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी द्वारा आदेश जारी कर दिए हैं कि इन धर्मशाला के भवन को कार्यालय उपयोग के लिए काम लिया जाए।

ये निर्र्देश निदेशक जन स्वास्थ्य चिकित्सा एवं स्वास्थय सेवा जयपुर की ओर से प्राप्त हुए हैं। बज्जू के अलावा लूणकरनसर, खाजूवाला, श्रीकोलायत, गजनेर व नापासर में भी धर्मशाला बनकर तैयार हो गई थी लेकिन इनका उपयोग कार्यालय के लिए होगा।

वर्षों तक बंद रहे
जिलेभर में छह जगह पर धर्मशाला भवन बनने के करीब ४ से ५ वर्षो तक बंद रहे। इससे लोगों को भवन का लाभ नहीं मिल सका लेकिन अब यह भवन कार्यालय उपयोग के आदेश पर आमजन के अरमान धूमिल हो गए।

आमजन निराश
मरीजों के साथ आए परिजनों के रात के समय ठहरने के लिए राजकीय अस्पताल में धर्मशाला भवन बनने पर लोगों ने प्रसन्नता जताई। इससे ज्यादा दूरी से आने वाले लोगों को राहत प्राप्त होगी लेकिन अब भवन को शुरू करने से पहले ही कार्यालय उपयोग के आदेश आने से आमजन निराश है। अब अस्पताल परिसर में ही रात गुजारनी पड़ेगी।

विभाग के निर्देश
विभाग के निर्देशानुसार इस भवन को कार्यालय उपयोग में लिया जाएगा। पहले भवन को आमजन के लिए धर्मशाला के तहत बनाया था। धर्मशाला नहीं रहने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
डॉ. सत्यनारायण, चिकित्सा प्रभारी, सामुदायिक अस्पताल, बज्जू