बीकानेर . चलती ट्रेन में महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल की भैरवी टीम पहल कर रही है। सफर में यदि कोई अनजान व्यक्ति महिला यात्री को परेशान करे तो टीम तुरंत उन तक पहुंच जाती है। महानगरों में आरपीएफ ने इसे वीरांगना दल नाम दे रखा है, वहीं बीकानेर मंडल में इस तरह की टीम का नाम ‘भैरवीÓ है।
‘भैरवीÓ टीम रेलवे सुरक्षा बल की विशेष टुकड़ी है। यह ट्रेन में महिलाओं की समस्या के समाधान के लिए तैयार रहती है। भैरवी टीम ने इस साल अब तक बीकानेर मंडल में 28 मामाले दर्ज किए हैं। इनमें महिला कोच में सफर करने, छेड़छाड़ करने सहित विभिन्न मामले शामिल हैं।
पहुंचती है अचानक
‘भैरवीÓ टीम में एक उप निरीक्षक सहित पांच महिला कांस्टेबल का स्टाफ रहता है। यह टीम बीकानेर मंडल में चलने वाली ट्रेनों में अचानक पहुंचती है। महिला कोच में यदि कोई पुरुष सफर कर रहा है, तो उनको दूसरे कोच में भेजती है। आवश्यकता अनुसार आरपीएफ थानों से अतिरिक्त स्टाफ टीम में शामिल करती है।
हेल्पलाइन नं. 182
रेलवे सुरक्षा बल ने चलती ट्रेन में महिला और बाल अपराध को रोकने के लिए 182 हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हुए हैं। भैरवी टीम कोच में पहुंचकर महिलाओं को हेल्पलाइन के बारे में भी बताती है। इन नम्बरों पर कॉल कर महिलाएं विपत्ति के समय मदद ले सकती है। टीम सदस्य महिला यात्रियों को अनजान मुसाफिरों से सावधान रहने, किसी से खाने की वस्तु नहीं लेने का सुझाव भी दे रही हैं।
महिला विंग कारगर
महिला यात्रियों की मदद के लिए ही आरपीएफ ने महिला विंग ‘भैरवीÓ तैयार की है। कॉल आने पर यह महिलाओं के कोच में पहुंचकर मदद करती है। यह कारगर साबित हो रही है।
डीके शुक्ला, मंडल सुरक्षा आयुक्त (रेलवे) बीकानेर