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'मजहबे इस्लाम दुनिया में अमन और चैन चाहता है। तमाम मुसलमान वतन-ए-अजीज हिन्दुस्तान की तरक्की और खुशहाली के लिए कोशिश करें।' यह अपील सुभाषपुरा स्थित नाइयों की मस्जिद के पास रविवार रात आयोजित जश्ने दस्तारे हिफ्ज कार्यक्रम में गुजरात से शिरकत करने वाले मुख्य अतिथि मोहम्मद अकबरी उर्फ कातिब ने की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा मिलना चाहिए। बासनी के मौलाना अबू बकर असरफी ने कहा कि अमन और भाईचारे के लिए हिन्दुस्तान में जो मिशाल बनी है, उसे हम सभी को कायम रखना होगा। दारूल उलूम गरीब नवाज के सालाना जलसे के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में दस विद्यार्थियों को हिफ्ज किरअत की उपाधि दी गई।
इस मौके पर असरफी ने पैगम्बर इस्लाम की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मदरसों में वतन से मोहब्बत और भाईचारे का सबक पढ़ाया जाता है। उन्होंने मदरसों को आधुनिक बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में जलालसर के पीर सैयद असलम शाह तथा झुंझुनूं के पीर मोहम्मद अली साहब हासमी के साथ नाजिम-ए-आला मौलाना जमील अहमद, मौलाना गुलाम अहमद फरीदी, हाजी रहीम बख्श, हाजी समुसुद्दीन, मौलाना इकरामुद्दीन, हाफिज नौशाद कादरी सहित कई उलमाए किराम व विभिन्न जिलों के गणमान्य लोग मौजूद थे।
Published on:
08 May 2017 08:28 am
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