22 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रात में थे यहां खेजड़ी के पेड़…सुबह बची ठूंठ, गांव वाले हुए हैरान, बीकानेर जिला मुख्यालय तक पहुंची खबर, आक्रोश

पुनरासर की रोही में सोलर प्लांट लगाने के लिए एक खेत से 100 से ज्यादा खेजड़ी काटने के आरोप लगे है। इसकी शिकायत पर रविवार को श्रीडूंगरगढ़ तहसीलदार मौके पर पहुंचे और उन्होंने खेजड़ी काटने के बाद मिले 36 ठूंठ की रिपोर्ट तैयार की। ग्रामीणों का आरोप है कि 70-80 खेजड़ी और भी धरातल के […]

less than 1 minute read
Google source verification

बीकानेर

image

Brijesh Singh

image

brijesh singh

Mar 23, 2026

सोलर प्लांट के लिए काटे गए खेजड़ी के पेड़

सोलर प्लांट के लिए काटे गए खेजड़ी के पेड़

पुनरासर की रोही में सोलर प्लांट लगाने के लिए एक खेत से 100 से ज्यादा खेजड़ी काटने के आरोप लगे है। इसकी शिकायत पर रविवार को श्रीडूंगरगढ़ तहसीलदार मौके पर पहुंचे और उन्होंने खेजड़ी काटने के बाद मिले 36 ठूंठ की रिपोर्ट तैयार की। ग्रामीणों का आरोप है कि 70-80 खेजड़ी और भी धरातल के बराबर से काटी गई है। उनके ठूंठ पर मिट्टी डालकर छिपा दिया गया है।

मध्य रात्रि के बाद चली आरी

पर्यावरण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने बताया कि शुक्रवार- शनिवार रात को बड़ी तादाद में पूनरासर की रोही में खेजड़ी काटी गई है। आरोपी रात को ही खेजड़ी की लकड़ी को वाहनों में डालकर ले गए। इसकी शिकायत करने पर रविवार को तहसीलदार मौके पर पहुंचे और ठूंठों की गिरती की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और खेजड़ी कटाई पर रोष जताया। पटवारी ने मौका पंचनामा तैयार किया गया है। खेजड़ी काटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पिछले दिनों ही सरकार की हुई थी फजीहत

गौरतलब है कि अभी हाल ही में सरकार की इस मामले को लेकर फजीहत भी हो चुकी है। एक बड़ा आंदोलन पश्चिमी राजस्थान से बवंडर की तरह उठा और बीकानेर जिला मुख्यालय पर धरना- प्रदर्शन की शक्ल में निर्णायक मोड़ ले बैठा था। संत-महात्मा भी गोचर और पेड़ों के संरक्षण को लेकर एक मंच पर आए। सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। बड़ी मुश्किल से वह आंदोलनकारियों को मना पाई थी। यूं तो धरना अब भी जारी है, लेकिन खेजड़ी की कटाई की इस ताजी घटना ने फिर से आग में घी डालने का काम किया है। लोग बुरी तरह आक्रोषित हैं।