मालासर के राजकीय विद्यालय की तालाबंदी और धरना जारी
खारा. मालासर ग्राम पंचायत के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अध्यापकों की कमी से बच्चों की पढा़ई प्रभावित हो रही है। इसको लेकर ग्रामीणों व विद्यार्थियों का धरना प्रदर्शन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर दूसरे दिन शिक्षा विभाग की ओर से ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पहुंचे और फिलहाल व्याख्याताओं की कमी बताते हुए हाथ खड़े कर दिए तथा केवल अनिवार्य विषय पर नियुक्ति की बात कही, लेकिन ग्रामीण सहमत नहीं हुए।
ग्रामीणों ने बताया कि जिला प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। प्रशासन की उदासीनता के चलते विद्यालय में 26 में से 14 पद खाली हैं। इस मौके पर सरपंच प्रतिनिधि रामरख गोदारा, पंचायत समिति सदस्य सुभाषराम नायक, समाजसेवी राजूराम गोदारा, रामेश्वरलाल गोदारा, रामरख ङ्क्षसवर, तुलछाराम गोदारा, भगवानाराम ज्याणी, सुगनाराम नायक, मानाराम नायक, विनोद शर्मा सहित ग्रामीण उपस्थित रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने सोमवार को कलक्ट्रेट तक पैदल जाकर धरना की चेतावनी दी है।
तीन दिन चले प्रदर्शन के बाद बनी सहमति, धरना समाप्त
जसरासर. ग्राम पंचायत मोरखाना के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में रिक्त पदों के लेकर शनिवार सुबह ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने धरना प्रदर्शन के बाद चक्का जाम कर दिया था। दोपहर को अधिकारियों के पहुंचने के बाद सहमति बनने पर धरना हटाया।
जानकारी के अनुसार मोरखाना की स्कूल में रिक्त पदों के चलते गुरुवार को स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर ग्रामीण व विद्यार्थी धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया, लेकिन कोई अधिकारी सुध लेने नही पहुंचे तो विद्यार्थियों ने सोमवार को बीकानेर कूच करने की चेतावनी दी। शनिवार सुबह किसी अधिकारी के धरना स्थल पर नहीं आने व मांगें नही होने पर मोरखाना से जसरासर, नोखा व बीकानेर जाने वाली मुख्य सड़कों पर पत्थर व लकडिय़ां डालकर चक्का जाम कर दिया और मांगें पूरी नही होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इसकी सूचना मिलने पर नोखा सीबीओ माया बजाड़ व एसीबीओ सुरेश दडीया मौके पर पहुंचे और तीन अध्यापक तुरन्त लगाने और शेष मांगे पूरी करने आश्वासन दिया। इस पर विद्यार्थी सहमत हो गए और दोपहर को चक्काजाम हटा दिया व धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान पूर्व सरपंच शेरसिह, सरपंच प्रतिनिधि लालाराम सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे।