
जयभगवान उपाध्याय/बीकानेर. शहर और गांव की उचित मूल्य दुकानों पर अब एमए बीएड उत्तीर्ण युवा राशन बांटते नजर आएंगे। लूणकरनसर तहसील में मंगलवार को उचित मूल्य दुकानों के लिए साक्षात्कार हुए। साक्षात्कार के लिए अधिकतर अभ्यर्थी उच्च योग्यता वाले आए। सालों पहले उचित मूल्य दुकान खोलने के लिए कोई योग्यता मायने नहीं रखती थी।
बाद में सरकार ने आवेदन करने वाले की योग्यता पांचवीं उत्तीर्ण कर दी। इसके बाद आठवीं, दसवीं, बारहवीं और अब स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य कर दिया है। रसद विभाग के अधिकारियों के अनुसार लूणकरनसर तहसील में कुछ दुकानदारों के निलंबन तथा बर्खास्तगी के बाद १५ दुकानों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया विचाराधीन थी। मंगलवार को हुए साक्षात्कार में पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी आईं।
बेरोजगारी से अच्छी राशन की दुकान
साक्षात्कार देने आई एक महिला अभ्यर्थी ने बताया कि बेरोजगारी से तो अच्छा है कि घर में राशन की दुकान खोल लें। इसी सोच के चलते उन्होंने उचित मूल्य दुकान का आवेदन किया था। एक अन्य अभ्यर्थी ने बताया कि राशन वितरण की प्रक्रिया को सरकार ने जब से ऑनलाइन किया है,
तब से इसके प्रति पुराने लोगों का रुझान कम हुआ है। वितरण प्रक्रिया के पारदर्शी होने से अब घोटाले भी खुलने लगे हैं। एेसे में पूरे प्रदेश में हजारों दुकानदारों को निलंबित और बर्खास्त किया जा चुका है। इस प्रक्रिया के बाद हजारों बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मिले हैं।
शहरी सीमा में जल्द
गांवों के बाद अब शहरी सीमा में उचित मूल्य दुकानों के लिए साक्षात्कार होंगे। बीकानेर में कुल ९५६ उचित मूल्य दुकानें हैं, जिनमें से सैकड़ों दुकानों का आवंटन नहीं हुआ है। मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्र से साक्षात्कार देने पहुंचे अभ्यर्थियों की योग्यता देखकर कहा जा सकता है कि अब युवा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं। यही कारण है कि एमए बीएड होने के बावजूद उन्हें राशन की दुकान करने में भी संकोच नहीं है।
गौतम चंद जैन, जिला रसद अधिकारी, बीकानेर
Published on:
11 Apr 2018 08:34 am
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