16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शासन सचिव की फटकार से सक्रिय हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन, बच्चा अस्पताल से हुई सुधार की शुरुआत

एक ही रात में 15 बच्चों के इमरजेंसी बता कर सैंपल जांच के लिए भेजने का मामला उठने के बाद सबसे अधिक किरकिरी कॉलेज प्रशासन की इसी मामले में हुई थी।

less than 1 minute read
Google source verification

मेडिकल शिक्षा के शासन सचिव अंबरीश कुमार के बीकानेर दौरे के दूसरे दिन बुधवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन में प्रशासनिक सुधार पर अमल शुरू हो गया। प्रशासन ने बच्चा अस्पताल को प्राथमिकता पर रखा और सबसे पहले यहीं से शुरुआत की। गौरतलब है कि एक ही रात में 15 बच्चों के इमरजेंसी बता कर सैंपल जांच के लिए भेजने का मामला उठने के बाद सबसे अधिक किरकिरी कॉलेज प्रशासन की इसी मामले में हुई थी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी ने बच्चा अस्पताल के चिकित्सकों की बैठक लेकर व्यवस्था सुधारने को लेकर बात की।

बैठक के दौरान, प्राचार्य डॉ. सोनी ने ईएमडी प्रभारी डॉ. जितेंद्र आचार्य को हीटवेव के दौरान अस्पताल मे सभी एसी, कूलर, पंखे, वायर्स आदि को दुरुस्त करवाने तथा खुले पड़ेवायर्स को दो दिन में सही करवाने के निर्देश दिए। आईएचएमएस पोर्टल के माध्यम से भर्ती और डिस्चार्ज कराने के लिए सभी रेजिडेंट्स को पाबंद करने के निर्देश भी दिए। बैठक में एसीपी पंकज छिम्पा को सीसीटीवी कैमरों के सुचारु प्रबंधन तथा समय-समय पर मॉनिटरिंग करने को कहा। बच्चा अस्पताल की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए डॉ. कुलदीप बिठू को निर्देश दिए कि वे अस्पताल परिसर का निरीक्षण करें एवं समय-समय पर पाई गई कमियों से पीबीएम अधीक्षक को अवगत करवाएं। मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना के प्रभारी दीप शिखर आचार्य को निर्देश दिया कि आपातकालीन प्रकृति की जांचें निर्धारित फॉर्म में अर्जेन्ट अथवा प्रायोरिटी लिख क लैब में भिजवाना सुनिश्चित किया जाए।