प्याऊ तो हैं, पानी सूखा

गर्मी का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ रहा है। शीतल पानी की जरूरत इंसान ही नहीं पशु-पक्षियों को भी होने लगी है मगर

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Apr 13, 2016
bikaner

बीकानेर।गर्मी का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ रहा है। शीतल पानी की जरूरत इंसान ही नहीं पशु-पक्षियों को भी होने लगी है मगर पीबीएम अस्पताल में भर्ती मरीज और परिजनों को ठण्डा तो दूर साधारण जल भी नहीं मिल रहा है। मरीज-परिजनों को मजबूरन बाजार से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। पीबीएम अस्पताल में बनाई गई पानी की प्याऊ की हालत खस्ता है। प्याऊ में मटकियां, वाटर कूलर तो दूर पानी का कनेक्शन तक नहीं है। भर्ती मरीजों व परिजनों को पानी घरों से लाना पड़ रहा है। एक-दो प्याऊ में खाली कुर्सियां व गत्ते के कार्टन भरे हुए हैं। इससे भी बड़ी विडम्बना है कि आपातकालीन के पास स्थित प्याऊ का पानी-बिजली का कनेक्शन ही काट दिया गया है। जनसेवक बंद प्याऊ को शुरू कराने के लिए पीबीएम प्रशासन से कई बार आग्रह कर चुके हैं लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई है।

यहां-यहां है प्याऊ

मारवाड़ जन सेवा समिति की प्रेरणा से 40 नंबर कमरे के पास, आपातकालीन के पास, टीबी अस्पताल, बच्चा अस्पताल, ट्रोमा सेंटर, पुलिस चौकी के पास प्याऊ है, जिनमें तीन बंद पड़ी है। इसके अलावा बर्न वार्ड व जनाना अस्पताल में रिकॉर्ड रूम के सामने बनाई प्याऊ भी बंद है।

पानी खरीद कर पी रहे हैं

पीबीएम में मरीजों को ठंडा पानी नहीं मिल रहा है। प्याऊ बंद है। ऐसे में घर से वाटर कैम्पर लाए हैं। दो दिन बाजार से पानी की बोतलें खरीदी जो काफी महंगी पड़ती हैं। प्रशासन को चाहिए कि अस्पताल में हर वार्ड के पास ठंडे पानी के वाटर कूलर या प्याऊ की व्यवस्था करें।

ताराचंद, मरीज का परिजन जल्द चालू करवा दी जाएगी

सीवर लाइन का काम चल रहा है, जिससे पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी। प्याऊ में लगी टोंटियों से पानी लीक होता है, जिनकी मरम्मत करवा रहे हैं। एक-दो दिन में पीबीएम परिसर की सभी पानी प्याऊ चालू करावा दी जाएगी।डॉ.जीएल मीणा, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल

Published on:
13 Apr 2016 04:55 am
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