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माध्यमिक शिक्षा में वर्ष 2016-17 की रिव्यू रिवीजन सूची के अभ्यर्थियों की हुई काउंसलिंग में 587 व्याख्याताओं के पदस्थापन आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
इससे इन व्याख्याताओं में रोष उत्पन्न हो रहा है। 29 अगस्त से 1 सितम्बर तक हुइ्र्र काउंसलिंग में 31 अगस्त को हिन्दी, संस्कृत, भौतिक विज्ञान, गणित, राजनीति विज्ञान व
इतिहास विषय के व्याख्याताओं की काउंसंलिंग हुई जिसमें से राजनीति विज्ञान के 228 व इतिहास के 359 रिव्यू रिवीजन सूची के अभ्यर्थियों को छोड़कर शेष सभी के पदस्थापन आदेश जारी कर दिए गए।
जबकि इससे पहले इन्ही विषयों की 30 अगस्त तक हुई काउंसलिंग में भाग लेने वाले 1218 अभ्यर्थियों के पदस्थापन आदेश जारी कर दिए गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2016-17 की डीपीसी व रिव्यू रिवीजन सूची में शामिल नही किए जाने से व्यथित कुछ वरिष्ठ अध्यापकों ने हाईकोर्ट में पदोन्नति देने तथा
काउंसलिंग में शामिल करने की याचिका दायर की जिस पर हाईकोर्ट ने 31 अगस्त को राजनीति विज्ञान व इतिहास के वंचित रहे अभ्यर्थियों को शािमल करने के निर्देश माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को दिए ।
हाईकोर्ट के आदेश निदेशालय पहुंचने तक राजनीति विज्ञान के 979 व इतिहास के 239 रिव्यू रिवीजन सूची के अभ्यर्थियों के पदस्थापन आदेश जारी किए जा चुके थे।
इसलिए अंतिम दिन की काउंसङ्क्षलग के शािमल हुए इन दोनों विषय के शेष 587 व्याख्याताओं के पदस्थापन आदेश रोक दिए गए । अब विभाग के पास एेसे अभ्यर्थियों के लिए रिव्यू डीपीसी कराने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।
इनका कहना है-
प्रयास किए जा रहे है
इतिहास व राजनीति विज्ञान विषयों में कुछ वरिष्ठ अभ्यर्थी वर्ष 2016-17 की डीपीसी व रिव्यू रिवीजन से छूट गए गए है एेसे अभ्यर्थियों के हितो को ध्यान में रखते हुए संगठन की ओर से विधि विभाग से सहयोग लेकर प्रकरण हल कराने के प्रयास किए जा रहे है।
महेन्द्र पाण्डे, प्रदेश महामंत्री, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
Published on:
08 Sept 2016 09:27 am
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