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1960 के पुष्करणा सावे में विवाहित दंपतियों का किया सम्मान

पुष्करणा सावे का गीत लॉंन्च
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puskarna sava 2019

1960 के पुष्करणा सावे में विवाहित दंपतियों का किया सम्मान

बीकानेर . मखन जोशी वेलफेयर सोसायटी व रमक झमक संस्थान की ओर से रविवार को नथूसर गेट स्थित जोशी बागेची में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में सन 1960 में आयोजित पुष्करणा सावे में विवाहित पांच दम्पत्तियों का सम्मान किया गया। पांचों दंपत्तियों को संस्थान की ओर से प्रेरणा सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए संवित् सोमगिरी महाराज ने कहा कि पति व पत्नी एक दूसरे की आत्मा की पूर्णता है, गृहस्थ जीवन के इस पड़ाव में पति-पत्नी का व्यवहार ऐसा हो जिससे नए बच्चे कुछ सीख ले सके। इस मौक पर सुनीलम पुरोहित, जुगल किशोर जोशी, बीजी व्यास, बाबूलाल छंगाणी, नरेश जोशी, मोना सरदार डूडी, अविनाश आचार्य सहित गणमान्य लोग उपस्थिति थे।

सनातन धर्म साधना पीठ के तत्वावधान में बारह गुवाड़ स्थित सदाफते में पुष्करणा सावे को लेकर नया गीत जारी किया गया। पवन राठी ने बताया कि लोक गायिका नीलिमा बिस्सा ने 'न घोड़ी चढ़ आयो बन्नो, न बग्गी चढ़ आयो, विष्णु रूप में आयो बन्नो... गीत तैयार किया गया है। इस मौके पर योगेश बिस्सा, प्रहलाद ओझा, श्रीबल्लभ व्यास, आरके सुरदासाणी, श्रीकृष्णा ओझा, बृजरतन आदि मौजूद थे।