
बृजमोहन आचार्य/बीकानेर. राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (रीट) की घोषणा के साथ ही बेरोजगार अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। साथ ही इसके ऑनलाइन आवेदन भी भरने शुरू हो गए हैं। ऐसे में निजी स्कूलों में कम मेहनताने पर पढ़ा रहे बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों में से कइयों ने नौकरी छोड़ दी है।
ये शिक्षक अब रीट में अच्छे अंक हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयारी में जुट गए हैं। ताकि रीट क्लीयर कर वे भविष्य में होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए योग्यता हासिल कर सकें। हालांकि पूववर्ती कांग्रेस सरकार ने बेरोजगारों को राहत देते हुए रीट के प्रमाण पत्र को अब स्थाई कर दिया है। अन्यथा अभ्यर्थियों की संख्या में और इजाफा हो सकता था।
रीट की परीक्षा 27 फरवरी को जिला मुख्यालयों पर प्रस्तावित है। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इस परीक्षा के लिए 16 दिसंबर से आवेदन जमा होने भी शुरू हो गए हैं।
15 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन जमा किए जा सकेंगे। प्रदेश के लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा का इंतजार कर रहे थे। पूर्व में रीट के प्रमाण पत्र की वैधता तीन सालथी, लेकिन पूर्व की सरकार ने इसकी वैधता स्थाई करने की घोषणा की थी। रीट परीक्षा 2022 के बाद पहली बार हो रही है, जबकि 2021 में हुई लेवल-2 की परीक्षा नकल प्रकरण के कारण निरस्त हो गई थी। निजी स्कूलों में शिक्षकों का संकट होने से बिना बी.एड. डिग्रीधारी बेरोजगारों से शिक्षण करवाया जा रहा है।
केस-1
कोमल कंवर लंबे समय से निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। उनकी तमन्ना है कि वह सरकारी नौकरी में आ जाएं। जब से रीट परीक्षा की तिथि घोषित हुई है, तभी से ही उसने निजी स्कूल की नौकरी छोड़ कर तैयारी शुरू कर दी।
केस-2
चन्द्रशेखर चार दिन पहले तक तो एक निजी स्कूल में सामाजिक विज्ञान पढ़ा रहे थे। लेकिन रीट की तिथि की घोषणा होते ही निजी स्कूल की नौकरी छोड़ दी। ताकि इस बार रीट क्लीयर हो जाए, तो आगे सरकारी शिक्षक की नौकरी के लिए होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकें।
केस-3
प्रकाश शर्मा भी अन्य अभ्यर्थियों की तरह रीट की तैयारी में लग गए हैं। हालांकि इस समय अर्द्ध वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं, लेकिन उन्होंने रीट को महत्व देते हुए पढ़ाई के अलावा सब कुछ छो़ड़ दिया है और तैयारियों में लग गए हैं।
डॉ. गौरव बिस्वा, मॉटिवेशनल स्पीकर
रीट की परीक्षा के लिए अभी से ही तैयारी में जुटना होगा। अब दो माह ही शेष रहे हैं। समय बहुत कम है। अभ्यर्थियों को परीक्षा के पाठ्यक्रम को देखते हुए अलग-अलग विषयों के लिए समय निर्धारित करना चाहिए। ताकि परीक्षा के समय पाठ्यक्रम का एक भी हिस्सा छूट न जाए। परीक्षा के दिन प्रश्न पत्र जब हाथ में आए, तो उसे हल करने से पहले ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। जो प्रश्न पहले हल कर सकते हैं, उन्हें हल करने में विलंब नहीं करना चाहिए। कई ऐसे अभ्यर्थी होते हैं, जो कठिन प्रश्नों को हल करने में इतना समय लगा देते हैं कि सरल प्रश्न हल करने से छूट जाते हैं।
Published on:
25 Dec 2024 03:50 pm
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