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शरद पूर्णिमा पर इसलिए बनती है खीर, यह है कारण

घरों में भी खीर, चीनी से बनी बडक और ऋतु फल मतीरा को खुले आसमान में चांदनी रात में रखा जाएगा। कुछ स्थानों पर औषधीय खीर का वितरण भी किया जाएगा।
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बीकानेर

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Anushree Joshi

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Updated: 4 Oct 2017, 1:23 PM IST

sharad purnima 2017

शरद पूर्णिमा उत्सव की मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। पांच अक्टूबर को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। हनुमान मंदिरों में खीर का प्रसाद चढ़ाया जाएगा। घरों में भी खीर, चीनी से बनी बडक और ऋतु फल मतीरा को खुले आसमान में चांदनी रात में रखा जाएगा।

मंदिरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान होंगे। कुछ स्थानों पर औषधीय खीर का वितरण भी किया जाएगा। बिन्नाणी चौक स्थित रघुनाथजी मंदिर में महा रास (कृष्ण लीला) का आयोजन होगा। शहर के विभिन्न हनुमान मंदिरों में पूर्णिमा की तैयारियां चल रही हैं।

पूजन का यह महत्व
शरद पूर्णिमा पर चंद्र पूजन का विशेष महत्व है। पंचागकर्ता पंडित राजेन्द्र किराड़ू के अनुसार अश्विन शुक्ला (१५) पूर्णिमा को यह पूर्व मनाया जाता है। धर्म सिन्धु, निर्णय सिन्धु सरीखे धर्म ग्रंथों में बताया गया है चंद्रोदय पूर्णिमा के दिन इन्द्र, लक्ष्मी व चंद्रमा का पूजन करना चाहिए। श्रीमद् भागवत महा पुराण में वर्णित है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने ब्रज में रासलीला रची थी।

ज्योतिष मान्यतानुसार इस दिन चंद्रमा पूर्ण कलाओं से युक्त होता है और चंद्र रश्मियों से अमृत बरसता है। इसी कारण खीर, चीनी से बनी बडक व मतीरा खुले आसमान के नीचे रोशनी में रखने की परम्परा है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है।

हनुमान जी का शृंगार
बजरंग धोरा पर हनुमान जी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। मंगलवार को इस संबंध में श्री बजरंग धोरा विकास समिति की बैठक हुई। इसमें शरद पूर्णिमा आयोजित होने वाले मेले को लेकर कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेवारियां सौंपी गई। संस्था के आशीष दाधीच ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर बजरंग धोरा पर हनुमानजी के विशेष शृंगार और पूजन किया जाएगा। खीर का प्रसाद वितरण होगा।

यहां होगी रासलीला
तेलीवाड़ा चौक स्थित रघुनाथजी मंदिर में परम्परा के अनुसार शरद पूर्णिमा को मध्यम रात्रि के बाद रासलीला का मंचन होगा। मंदिर में विशेष पूजन किया जाएगा। केशनीनंदन सेवा समिति की ओर से पूनरासर मंदिर में बुधवार और गुरुवार को सेवा शिविर लगाया जाएगा। सात क्विंटल खीर का वितरण किया जाएगा। सचिव कृष्ण कांत पुरोहित ने बताया कि सदस्य बुधवार सुबह छह बजे डागा चौक से रवाना होंगे।

महाआरती के बाद बांटी जाएगी खीर
पुष्करणा स्टेडियम के पीछे रघुनाथ मंदिर में गुरुवार को शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। आयोजन को लेकर मंदिर में रंगीन रोशनियों से सजावट की जा रही है। शिवदयाल स्वामी ने बताया कि इस दिन भगवान राम-दरबार व हनुमानजी का अभिषेक किया जाएगा। सत्यनारायण कल्ला ने बताया कि रात को सुंदरकांड के पाठ होंगे। मध्य रात्रि को महा आरती के बाद 251 किलो खीर का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा शहर में बड़ा हनुमान मंदिर व अन्य मंदिरों में भी खीर का भोग लगाया जाएगा।