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रेलवे ने शुरू की सौर ऊर्जा से पर्याप्त बिजली आपूर्ति, अब हर साल बचेगी दो लाख यूनिट बिजली

बिजली की बचत के लिए रेलवे ने सौर ऊर्जा से पर्याप्त बिजली आपूर्ति शुरू कर दी है।

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Solar lights

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बीकानेर. बिजली की बचत के लिए रेलवे ने सौर ऊर्जा से पर्याप्त बिजली आपूर्ति शुरू कर दी है। पूर्व में स्थापित प्लांट से कनेक्शन के बाद अब रेल मंडल कार्यालय, रेलवे अस्पताल, आरक्षण कार्यालय व बीकानेर की वाशिंग लाइन सोलर लाइट से रोशन हो रहे हैं। प्लांट से बीकानेर में प्रतिदिन 580 यूनिट बिजली पैदा हो रही है।

इससे एक साल में लगभग 2 लाख ८ हजार ९६ यूनिट बिजली बचेगी। बीकानेर में डीआरएम ऑफिस, आरक्षण कार्यालय, अस्पताल व वाशिंग लाइन पर 116 किलोवाट पावर का प्लांट लगाया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकाने मंडल में चार स्थानों पर सोलर प्लांट शुरू होने से रेलवे को सालाना 6 लाख 26 हजार 800 रुपए की बचत होगी। मंडल कार्यालय में खर्च होने वाली बिजली का हिसाब रहेगा। छुट्टी के दिन भी बिजली पैदा होगी, वो स्वत: बिजली ग्रिड स्टेशन को मिल जाएगी।

बीकानेर में चार जगह

बीकानेर मंडल के श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन व पार्सल ऑफिस में 82 किलोवाट के सौर ऊर्जा प्लांट लगाए गए हैं। बीकानेर में मंडल प्रबंधक कार्यालय सहित चार स्थानों पर सौर ऊर्जा से बिजली आपूर्ति की जा रही है, इससे बिजली की बचत होगी।
अभय शर्मा, वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक, बीकानेर

पशुओं के लिए आपदा रेस्पांस फोर्स

बीकानेर. प्राकृतिक आपदा की स्थिति में पशुओं को बचाने के लिए राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में राज्य आपदा रेस्पांस फोर्स के २७ जवानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य के कुल ७२ जवानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। राजुवाल पशु आपदा प्रबंधन तकनीक केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक डॉ. प्रवीण विश्नोई ने बताया कि

राज्य आपदा रेस्पांस फोर्स की बटालियन के जवानों को हुनर और संसाधनों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य के कई जिलों से आए रेस्पांस फोर्स के जवानों को पशु आपदा प्रबंधन, पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा समेत विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के दो बैच और लगेंगे।