23 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बीस के नोट की चौथी सीरीज जारी, दिखेंगी एलोरा की गुफाएं

अगले माह आम प्रचलन में आने की संभावना

2 min read
Google source verification
The fourth series of twenty note issued, caves of Ellora visibl

बीस के नोट की चौथी सीरीज जारी, दिखेंगी एलोरा की गुफाएं

बीकानेर. बीस रुपए के नए नोट पर पुरातात्विक स्थल एलोरा की गुफाएं दिखाई देंगी। भारत के औरंगाबाद (महाराष्ट्र) से करीब तीस किलोमीटर दूर इन गुफाओं का निर्माण राष्ट्रकूट वंश के शासकों ने करवाया था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) की ओर से मई के पहले सप्ताह में जारी किया गया बीस रुपए का नया नोट भले ही आमजन की जेब में फिलहाल नहीं पहुंचा हो, लेकिन इसे देखने की उत्सुकता हर किसी के मन में है।

भारतीय एवं विदेशी सिक्के, करैंसी नोट एवं डाक टिकटों के संग्रहकर्ता भारतभूषण गुप्ता बताते हैं कि नया नोट अगले माह तक देश के विभिन्न शहरों की बैंकों में पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल मुम्बई स्थित आरबीआइ से बहुत कम नोट जारी किए गए हैं। गुप्ता ने बताया कि नोटबंदी के बाद दो हजार, पांच सौ, दो सौ, एक सौ तथा दस रुपए के नए नोट जारी किए जा चुके हैं। बीस रुपए का नोट जारी नहीं होने से नए नोटों की शृंखला अधूरी पड़ी थी। बीस रुपए का नया नोट जारी होने के बाद अधूरी शृंखला अब पूरी हो गई है।

बीस के नोट का इतिहास

सर्वप्रथम एक जून, १९७२ को तत्कालीन रिजर्व बैंक के गवर्नर एस जगन्नाथ के हस्ताक्षर से बीस रुपए का नोट जारी हुआ। इसके पृष्ठ भाग में संसद भवन का चित्र था। दूसरा नोट २४ मार्च, १९७५ को जारी हुआ, जिसके डिजाइन में परिवर्तन किया गया था। इसके पृष्ठ भाग में कोणार्क चक्र को स्थान प्राप्त हुआ। तीसरा नोट वर्ष १९९६ में निकाला गया। इस समयावधि में सभी श्रेणी के नोटों पर महात्मा गांधी के चित्र अंकित होने लगे थे, लेकिन बीस रुपए के नोट पर नवम्बर-२००१ में महात्मा गांधी की फोटो छापी गई। पृष्ठभाग में अण्डमान निकोबार का पहाड़ एवं समुद्र का दृष्य मुद्रित हुआ। इसके बाद मई-२०१९ में बीस रुपए का नोट प्रकाशित हुआ, जिसके पृष्ठ भाग में एलोरा की गुफाओं का चित्र छापा गया है।