मुख्य विभाग भेजे जा रहे मरीज
बीकानेर. पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में मरीजों को इलाज के नाम पर केवल चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पिछले सालभर से यहां सोनोग्राफी नहीं हो रही है, वहीं सप्ताहभर से एक्स-रे मशीन भी खराब पड़ी है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ है। अस्पताल प्रशासन मरीजों की परेशानी पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ट्रोमा सेंटर में मरीजों के एक्स-रे जांच के लिए दो मशीनें है। इनमें से एक मशीन पिछले सात दिन से खराब पड़ी है। एक मशीन पर हाथ-पैर में फ्रेक्चर सहित सामान्य एक्स-रे किए जा रहे हैं, जबकि कमर दर्द और सर्वाइकल स्पाइपन आदि के एक्स-रे यहां नहीं किए जा रहे हैं।
इन मरीजों को एक्स-रे करवाने के लिए पीबीएम के एक्स-रे विभाग के मुख्य भवन जाना पड़ रहा है।
ट्रोमा सेंटर में प्रतिदिन ५०० से ५५० मरीजों के एक्स-रे किए जाते हैं। एक एक्स-रे मशीन खराब होने से यहां पर ३५० से ४०० एक्स-रे ही किए जा रहे हैं। ट्रोमा सेंटर में कमर दर्द, सर्वाइकल व स्पाइपन के एक्स-रे नहीं किए जा रहे हैं।
खमियाजा मरीजों को
ट्रोमा सेंटर में व्यवस्थाएं गड़बड़ है। यहां आपातकालीन मरीजों के लिए व्यवस्था की गई थी लेकिन पीबीएम अस्पताल एवं एसपी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अस्थि रोग विभाग का ओपीडी भी शुरू कर दिया। ऐसे में ओपीडी मरीज भी एक्स-रे करवाने यहां पहुंच रहे हैं। इन मरीजों को मुख्य भवन में एक्स-रे करवाने के लिए भेजने पर वे झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं।
कोई सुनवाई नहीं
दो घंटे से एक्स-रे करवाने के लिए खड़े हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। एक मशीन खराब है, दूसरी पर इमरजेंसी का बोलकर टालमटोल कर रहे हैं। शिकायत करो तो कोई सुनता नहीं। जवाब मिलता है जल्दी है तो बाजार से करवा लो।
सुरजाराम, मरीज का पिता
एक-दो दिन में चालू हो जाएगी
मशीन में तकनीकी गड़बड़ हो गई थी। मशीन सीएमसी (गारंटी पीरियड) में हैं, इंजीनियर बीकानेर पहुंच गया है। एक-दो दिन में मशीन चालू हो जाएगी।
डॉ. जीएल मीणा,विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी विभाग