
ग्रामीणों ने डीएफओ से कहा सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे रेंजर, लापरवाही उजागर होने के बाद वन विभाग मामले को दबाने में जुटा
बिलासपुर . वन विभाग के जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही से तीन साल पहले 28 एकड़ में लाखों रुपए खर्च कर लगाए गए पौधे जलकर खाक हो गए हैं। इन पौधों की सुरक्षा के लिए बकायदा फेंसिंग कराकर 4 चौकीदार भी रखे गए। इसके बावजूद जंगल में आग लग गई। घटना की सूचना मिलने के बाद भी रेंजर मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज ग्रामीणों ने डीएफओ का घेराव कर रेंजर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। तखतपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बोड़सरा के आश्रिम ग्राम पाली का है। यहां 2012 में मनरेगा के तहत 28 एकड़ क्षेत्र में आम, आंवला, करंज सहित अनेक फलदार पौधे लगाए गए। इसके अलावा सागौन,कहुवा समेत अन्य इमारती प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया था। इसके बाद पौधों को सुरक्षित रखने के लिए चारों ओर फेंसिंग कराई गई। इसकी सुरक्षा और पौधों को पानी देने के लिए 4 चौकीदार भी रखे गए। इनको तीन साल से मस्टररोल के अनुसार भुगतान भी किया जा रहा है। 24 अप्रैल को वन विभाग के इस जंगल में असामाजिक तत्वों ने आग लगा दी। आग ऐसी फैली कि पूरा जंगल जलकर खाक हो गया, लेकिन वन विभाग को खबर तक नहीं लगी। पिछले तीन दिन से ग्रामीण वन विभाग के रेंजर केडी घृतेश को घटना की जानकारी दे रहे थे, लेकिन वे मौके पर नहीं पहुंचे। इससे नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को डीएफओ का घेराव कर दिया था। ग्रामीणों मामले की जांच की मांग की है। इसके अलावा रेंजर के खिलाफ कड़ी की मांग की गई है।
नहीं पहुंचे रेंजर
आग लगने की सूचना पाकर फॉरेस्ट गार्ड शोभा यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने डिप्टी रेंजर बिसेन साहू और रेंजर केडी घृतेश को जानकारी दी। इसके बाद आनन-फानन में डिप्टी रेंजर साहू मौके पर पहुंचे और पंचनामा तैयार किया। सूचना मिलने के बाद भी रेंजर केडी घृतेश ने मौके पर जाना जरूरी नहीं समझा।
ट्यूबबेल का पंप भी गायब
रेंजर केडी घृतेश के नहीं आने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्राम पंचायत के पंच कन्हैया लाल शर्मा, परमेश्वर यादव ,लक्ष्मी यादव, रामफल कौशिक ने बताया कि पौधे लगाने के समय यहां पर सिंचाई करने दो ट्यूबवेल भी कराए गए थे। अफसरों की लापरवाही की वजह से दोनों ट्यूबबेल अब गायब हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जनपद सदस्य व सभापति खनिज भोलानाथ तिवारी ने कहा कि इस मामले की शिकायत कलेक्टरए जिला पंचायत सीईओ एवं जिला वन मंडल अधिकारी सहित आला अफसरों से की जाएगी।
नदारद थे चौकीदार
पाली में लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए 4 चौकीदार तैनात किए गए हैं। आग लगने की इस घटना से बड़ा सवाल यह उठता है कि पूरा जंगल जलकर खाक हो गया तो चौकीदार कहां मौजूद थे। कहा जा रहा है कि चौकीदार जंगल में होते तो समय पर आग बुझा ली जाती और लाखों रुपए के पौधे भी बच गए होते।
घटना की होगी जांच
ग्रामीण आए थे, पूरी घटना की जानकारी दी है। इसकी जांच कराउंगा, इसके बाद जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसएस कंवर डीएफओ
Published on:
28 Apr 2018 04:29 pm
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