
electricity bill half scheme : बिलासपुर. सीएसईबी द्वारा नवंबर माह में अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि जोड़कर बिजली बिल जारी की गई थी। जिसका विरोध हुआ तब शासन के हस्तक्षेप के बाद छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने बिल में अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि को 50 % कम करने का निर्णय लिया था। जिसका लाभ घरेलू उपभोक्ताओं को इस माह मिलेगा। वर्तमान में बिजली मीटर रीडिग के साथ बिल जारी करने का सिलसिला शुरू हो गया है। जिले के लगभग 2 लाख 39 हजार उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
विभागीय अफसर कह रहे है कि जिन उपभोक्ताओं ने बिल का भुगतान पहले से कर लिया था, उनको सूचना दे चुके है कि अगले माह 50 % छूट का लाभ मिलेगा। उनकी जमा अतिरिक्त सुरक्षा निधि की 50 प्रतिशत राशि को बिजली बिल में समायोजित कर दिया जाएगा। अधिकंाश उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि बिल में जुडऩे की जानकारी नहीं थी इसलिए ज्यादा बिल आने की शिकायत करने सीएसईबी कार्यालय पहुंचे थे। वर्तमान में जब कर्मचारी बिल देने घर-घर पहुंच रहे है तब लोग पूछ रहे है कि पिछले माह जो बिल दिए थे, उसका भुगतान कर चुके है तो क्या 50' छूट का लाभ मिलेगा, तब कर्मचारी बता रहे है कि नियमानुसार सभी को दिया जाएगा।
सालभर में खपत के आधार पर लेते हैं सुरक्षा निधि
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के स्थायी निर्देशों के तहत सुरक्षा निधि लेने का प्रावधान है। हर साल बीते 12 महीने के उपयोग किए गए बिजली की औसत खपत की गणना कर अक्टूबर में अतिरिक्त सुरक्षा निधि के अंतर की राशि ली जाती है। इसकी गणना प्रचलित टैरिफ के आधार पर पहले से जमा सुरक्षा निधि को घटाकर की जाती है। जितनी राशि का अंतर होता है, उतनी अतिरिक्त सुरक्षा निधि को बिल के साथ जोड़कर उपभोक्ता को भेजा जाता है। लेकिन पहले कई माह के अंतराल में किस्त वार राशि को जोड़ी जाती थी। जबकि पिछले माह एक साथ ही राशि को जोड़कर बिल जारी की गई थी। लिहाजा बढ़ती हुई महंगाई की मार से परेशान उपभोक्ताओं को अक्टूबर महीने में कंपनी का यह नियम भारी पड़ रहा था। बताया गया कि लोगों के पास हजारों रुपए के बिल पहुंचे तो झटका लगा। नाराजगी इतनी बढ़ी की मामला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक जा पहुंचा। उसके बाद उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि को आधा करने निर्देश दिए।
बिजली ऑफिस का नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर
बिजली बिल में अंकित अतिरिक्त सुरक्षानिधि की राशि के 50 ' की गणना स्वयं करके बिल राशि से घटाकर इसे जमा कराया जा सकेगा। जिन उपभोक्ताओं ने बिल जमा कर दिया है, उन्हें भी लाभ मिलेगा। उनकी सुरक्षा निधि की 50 प्रतिशत राशि को बिजली बिल में समायोजित कर दी जाएगी। यह सुविधा पॉवर कंपनी के सभी मैनुअली बिलिग काउंटर, एटीपी सेंटर और ऑनलाइन पेमेंट मोड पर उपलब्ध रहेगी। विद्युत वितरण कंपनी ने राज्य विद्युत नियामक आयोग से इसकी अनुमति ली है।
अगर सुरक्षा निधि राशि जुड़ी है तो माइनस होगा
अब जब बिल जारी करेंगे तो उसमें उपभोक्ताओं को छूट का लाभ मिलेगा। किसी का अगर अतिरिक्त सुरक्षा निधि राशि 200 रुपए अतिरिक्त आया था तो उसका अगले माह 100 रुपए माइनस हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि बिल में जुड़ी थी इसलिए उपभोक्ताओं को लग रहा है कि खपत कम के बाद ज्यादा चार्ज देना पड़ रहा है कि जब ऐसा कुछ नहीं है।
-राजकुमार ई ई सीएसईबी
Published on:
06 Dec 2021 12:20 pm
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