बिलासपुर

अपोलो हॉस्पिटल के इन 4 डॉक्टरो की लापरवाही के चलते युवक की हुई मौत, पुलिस ने दर्ज किया अपराध

- अपोलो प्रबंधन के चार चिकित्सको पर बयान के बाद दर्ज एफआईआर में जुड़ा नाम - 7 साल पहले उपचार के दौरान अपोलो हॉस्पिटल में हुई थी गोल्डी छाबड़ा की मौत

2 min read
अपोलो हॉस्पिटल के इन 4 डॉक्टरो की लापरवाही के चलते युवक की हुई मौत, पुलिस ने दर्ज किया अपराध

बिलासपुर. आदर्श नगर टिकरापारा निवासी गोल्डी छाबड़ा की 7 साल पहले उपचार के दौरान अपोलो में मौत हो गई थी। मामले में परिजनो ने गलत उपचार का आरोप लगाते हुए लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बिसरा रिपोर्ट आने पर सरकंडा पुलिस ने मामले में अपोलो प्रबंधन के खिलाफ अपराध दर्ज किया था।

बयान पर पुलिस को चार चिकित्सको का नाम एफआईआर में जोड़ा है। पुलिस की माने तो जल्द ही मामले में कार्रवाई की जाएगी।सरकंडा पुलिस गोल्डी छाबड़ा की मौत के कारणो की जांच व बयान के आधार पर अपोलो हॉस्पिटल के 4 चिकित्सको का नाम एफआईआर में दर्ज किया है। सरकंडा पुलिस की अब तक की जांच में गोल्डी की मौत के मौत के मामले में दर्ज बयान के आधार पर डॉक्टर देवेन्द्र सिंह, डॉक्टर राजीव लोचन भांजा, डॉक्टर सुनील कुमार केडिया व डॉक्टर मनोज राय का नाम एफआईआर में जोड़ा है। मालूम हो की 25 दिसम्बर 2016 को गोल्डी छाबड़ा के पेट में दर्द की शिकायत होने पर पिता परमजीत सिंह छाबड़ा बेटे को अपोलो हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।

चिकित्सको ने गोल्डी का उपचार शुरू किया और दोपहर तक छु्ट्टी देने की बात पिता को कही। दोपहर से शाम और दूसरे दिन 26 दिसम्बर को चिकित्सको ने गोल्डी को मृत घोषित कर दिया था। उस दौरान चिकित्सको ने परमजीत सिंह छाबड़ा को बताया था कि गोल्डी ने जहर सेवन किया है। पिता व अन्य परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया था। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद सरकंडा पुलिस ने 7 अक्टूबर को अपोलो प्रबंधन के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच को आगे बढ़ते हुए गवाहो का बयान दर्ज किया था।

Published on:
09 Nov 2023 11:52 pm
Also Read
View All

अगली खबर