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कोर्ट परिसर में हंगामा, आरोपी पर टूट पड़े वकील, जानिये क्या है मामला ?

छावनी में तब्दील हुआ जिला सत्र न्यायालय, कड़ी सुरक्षा में के बीच आरोपी गया जेल

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बिलासपुर . 3 जनवरी को दिन दहाड़े अधिवक्ता की मां पर चाकू से हमला व लूटपाट करने वाले आरोपी को पुलिस ने मंगलवार को जिला न्यायालय में पेश किया। आरोपी को लाए जाने की खबर मिलते ही अधिवक्ता लामबंद हो गए। पुलिस आरोपी को कोर्ट से बाहर लेकर आई, तो कुछ अधिवक्ता आरोपी पर टूट पड़े। इसे लेकर खूब हंगामा हुआ। सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर में पुलिस के आला अफसर दल-बल के साथ पहुंचे। भारी मशक्कत के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी को वहां से सुरक्षित निकालकर जेल पहुंचाया गया। उल्लेखनीय है कि 3 जनवरी को शुभम विहार में अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह राजपूत के घर लूटपाट की वारदात हुई थी। लुटेरे ने अधिवक्ता की मां त्रिवेणी सिंह राजपूत के गले पर चाकू से वार कर दिया था। सोमवार को पुलिस ने आरोपी शुभम आचारी उर्फ मोहित को गिरफ्तार किया। उसे मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। आरोपी के कोर्ट परिसर में पहुंचने की सूचना मिलते ही अधिवक्ता एकजुट होने लगे। पुलिस आरोपी शुभम को लेकर जैसे ही कोर्ट रूम से बाहर निकलकर परिसर में आई, तो आक्रोशित अधिवक्ताओं ने उसे घेर लिया। कुछ अधिवक्ताओं ने परिसर में ही आरोपी पर हमला कर दिया। यह खबर मिलते ही सीएसपी सहित पुलिस बल, बिलासा शक्ती टीम, सभी थाना प्रभारी और पेट्रोलिंग पार्टी जिला कोर्ट पहुंची। अधिवक्ता पुलिस की बात सुनने के लिए भी तैयार नहीं थे।

डीजे को करना पड़ा हस्तक्षेप: पुलिस अफसरों की समझाइश की बाद भी अधिवक्ता कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। खबर मिलने पर खुद जिला एवं सत्र न्यायाधीश एनडी तिगाला कोर्ट रूम से निकलकर परिसर में पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं को समझाइश देकर शांत करवाया। आखिर में बिलासा शक्ति टीम आरोपी को सुरक्षा घेरे में लेकर पुलिस वैन में बिठाकर जेल के लिए रवाना हुई।

पथराव की आशंका को देखते हुए मंगाई क्यूवी वैन - कोर्ट परिसर में हंगामा और माहौल तनावपूर्ण होता देख पुलिस सकते में आ गई। पुलिस ने भारी फोर्स के साथ क्यूवी वैन बुला ली।

वकीलों और पुलिस के बीच झूमाझटकी - आरोपी की पिटाई करने के लिए अधिवक्ताओं ने उसे घेर लिया था। इधर आरोपी पुलिस की अभिरक्षा में था, उसे बचाने के लिए पुलिस जद्दोजहद करती रही। इसे लेकर पुलिस व अधिवक्ताओं के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। कोर्ट परिसर में हंगामे की सूचना मिलने पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल बुलाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी को न्यायालय से जेल दाखिल कराया गया। मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई।
शलभ सिन्हा, सीएसपी कोतवाली।