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परिस्थितिजन्य साक्ष्य व तथ्यों के आधार पर अंकित मल्होत्रा पर चलेगा हत्या का मुकदमा

मांग की गई थी कि धारा 302 के तहत मामले की सुनवाई के आदेश को खारिज कर धारा 304 गैर-इरादतन हत्या के तहत मामले की सुनवाई की जाए।

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बिलासपुर . गौरांग बोवड़े हत्याकांड मामले के आरोपी अंकित मल्होत्रा के आवेदन को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब आरोपी पर 302 का मुकदमा चलेगा। गौरांग बोवड़े हत्याकांड में शामिल चार आरोपियों में एक अंकित मल्होत्रा ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दिया था। मांग की गई थी कि हाईकोर्ट द्वारा धारा 302 के तहत मामले की सुनवाई के आदेश को खारिज कर धारा 304 गैर-इरादतन हत्या के तहत मामले की सुनवाई की जाए। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस शांतनगांवकर की युगलपीठ में बुधवार को मामले की सुनवाई की गई। मामले की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने आरोपी के आवेदन को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के दिए फैसले को बरकरार रखा है। कहा हैा कि प्रकरण और परिस्थितियों के आधार पर मामले की सुनवाई धारा 304 के तहत उचित नहीं है।

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सरकमशटांसल एविडेंस, गवाह और अन्य सबूत के जेरेसाया में मामले की सुनवाई धारा 302 के तहत ही की जानी चाहिए। इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाई है। अब मामले की सुनवाई धारा 302 के तहत होगी।
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यह है मामला : ज्ञात हो कि गौरांग बोवड़े की मैग्रेटो माल की सीढिय़ों से गिरने से 21 जुलाई 2017 को रहस्यमयी तरीके से मौत हो गई थी। मामले में बोवड़े के चार मित्रों अंकित मल्होत्रा, किंशुक अग्रवाल, करण खुशलानी व करण जायसवाल को आरोपी बनाया गया था। गौरांग के पिता श्रीरंग बोवड़े ने चारों के खिलाफ मामले की शिकायत की थी। आरोपियों में से एक अंकित ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन देकर मामले की सुनवाई धारा 302 की बजाय 304 के तहत करने की अपील की थी। इसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। गौरांग मामले की पैरवी अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव कर रहे हैं।
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