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VIDEO एक और नसबंदी कांड : इस बार चार पुरुष हुए शिकार, गलत ऑपरेशन से बिगड़ी हालत

धर्मेंद्र श्रीवास पिता रामेश्वर , राजकुमार लहरे पिता महेत्तर, केशव विश्वकर्मा पिता सहज राम व डोंगी के प्रमोद साहू पिता गणेश राम साहू शामिल हैं।

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Nasbandhi kand

बिलासपुर . जिले से नसबंदी कांड का नाता छूट ही नहीं पा रहा है। तीन साल पहले कानन पेंडारी में हुई नसबंदी के बाद 13 महिलाओं की मौत हुई थी और चार महीने पहले मस्तूरी की छह महिलाओं की नसबंदी के बाद संक्रमण के कारण तबीयत बिगड़ गई थी। इस बार नसबंदी कांड के शिकार चार पुरुष हुए हैं। नसबंदी कराने के बाद इनके टांके फट गए। जान आफत में पड़ गई तो आनन- फानन में बुधवार की देर रात चारों को सीपत चौक सरकंडा स्थित डाक्टर केके साव के अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीडि़तों का कहना है कि अफसरों ने पैसे का लालच दिया था, जिनके झांसे में आकर हम फंस गए। जिले के कोटा ब्लॉक मुख्यालय में बीते बुधवार को पुरुष नसबंदी शिविर लगाया गया। इसमें कोटा क्षेत्र के 14 लोगों को लाया गया और इनकी नसबंदी करने के बाद छुट्टी दे दी गई। देर रात सभी की हालत बिगड़ गई। 10 लोगों को सामान्य बुखार होने से गांव में इलाज चल रहा है। इनमें से चार लोगों की हालत अचानक गंभीर हो गई। इनमें कोटा ब्लॉक के मचगांव निवासी धर्मेंद्र श्रीवास पिता रामेश्वर श्रीवास, राजकुमार लहरे पिता महेत्तर, केशव विश्वकर्मा पिता सहज राम व डोंगी के प्रमोद साहू पिता गणेश राम साहू शामिल हैं।

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तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। गुपचुप तरीके से गांव में एम्बुलेंस भेजकर बुधवार रात करीब 11 बजे चारों लोगों को बिलासपुर लाया गया। यहां सीपत चौक स्थित डाक्टर केके साव के अस्पताल में चारों को भर्ती कराया गया है। मरीजों के मुताबिक उनके प्राइवेट पार्ट से लगातार खून बह रहा था। दर्द इतना हो रहा था कि चलना मुश्किल हो गया। अस्पताल में चारों मरीजों का इलाज चल रहा है।
आनन- फानन में दोबारा ऑपरेशन : निजी अस्पताल में डॉक्टर ने चारों मरीजों का ऑपरेशन देखा तो पता चला कि शिविर में गलत आपरेशन हो गया है। इसके चलते प्राइवेट पार्ट में सूजन और ब्लीडिंग हो रही है। डाक्टर ने आनन.फानन में चारों लोगों का दोबारा ऑपरेशन किया। डॉक्टर के अनुसार अब चारों खतरे से बाहर हैं।
पेंडारी व मस्तूरी में हुआ था नसबंदी कांड : 2014 की बात है। पेंडारी में नसबंदी शिविर लगाया गया था जहां ऑपरेशन कराने वाली एक दर्जन से अधिक महिलाओं की मौत हो गई थी। जांच यह बात सामने आई थी कि इन्हें जो दवा दी गई थी उसमें जहर था। महिला नसबंदी कांड को लेकर प्रदेश में जमकर बवाल मचा था। यह मामला शांत ही हुआ था कि अगस्त माह में मस्तूरी में भी नसबंदी कांड हो गया। यहां नसबंदी कराने वाली पांच महिलाओं की हालत खराब हो गई थी। इन महिलाओं को ऑपरेशन के बाद वह टांका लगा दिया गया था इसके टांके पक गए थे। इन महिलाओं का भी दोबारा ऑपरेशन जिला अस्पताल में करना पड़ा था।
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टारगेट पूरा नहीं कर पाने पर पड़ी थी फटकार : स्वास्थ्य विभाग द्वारा 21 नवंबर से 4 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी सप्ताह मनाया गया था। उस समय जिले के सातों ब्लॉक मस्तूरी, बिल्हा, कोटा, तखतपुर, मरवाही, गौरेला व पेंड्रा में शिविर लगाया गया थाए लेकिन बिल्हा ब्लॉक के शिविर में सिर्फ 4 लोगों ने ऑपरेशन कराया। इतनी कम नसबंदी को लेकर शासन ने सीएमएचओ बीबी बर्डे को जमकर फटकार लगाई और टारगेट पूरा करने कहा। शासन की फटकार के बाद जब दोबारा शिविर लगाया गया तो यह नसबंदी कांड हो गया।
पीडि़तों ने कहा पैसे का लालच देकर कर दी हमारी नसबंदी : निजी अस्पताल में भर्ती पीडि़त राजकुमार व धर्मेंद्र ने बताया कि उनके गांव में स्वास्थ्य विभाग के लोग पहुंचे थे। उन्होंने उनके समेत अन्य लोगों को नसबंदी कराने पर अच्छी रकम मिलने का प्रलोभन दिया। उनके झांसे में आकर उन्होंने नसबंदी करा ली। अब उनकी जान आफत में पड़ गई है।
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जांच कर दोषियों पर करें कार्रवाई : कोटा में 14 लोगों की नसबंदी किए जाने के बाद 4 लोगों की हालत गंभीर होने पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस नेता शैलेश पांडे ने कहा है कि यह सरकार हत्यारों की सरकार है जब तक लोगों के प्राण निकल नहीं जाते, तब तक इस सरकार को आनंद नहीं आता। कोटा में 14 लोगों की नसबंदी की गई थी। जिनमें से चार लोगों की तबीयत ज्यादा खराब हो गई काफी ब्लड बहने के कारण जान जोखिम खड़ा हो गया है । पांडे ने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है जब सरकार सरकारी योजनाओं में लोगों की जान ले रही है। इसके पूर्व मस्तूरी में महिलाओं की नसबंदी के बाद पांच महिलाओं की मौत हो गई थी।
ढोंग करने कमेटी हुई थी गठित : पांडेय ने कहा कि इसके बाद शासन स्तर पर 3 सदस्यी टीम एम्स के विषेशज्ञों की 7 सदस्यी टीम, जिला अस्पताल की 3 सदस्यी टीम डिप्टी हेल्थ डारेक्टर की 3 सदस्यी टीम महिला आयोग की 2 सदस्यी टीम न्यायायिक जांच और पुलिस विभाग से 5 सदस्यी स्पेशल टीम गठित की गई थी। जो आज तक जांच नहीं कर पाई। ऐसी कमेटी सिर्फ आरोपियों को बचाने के लिए बनाई जाती है।
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रात में शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया : बुधवार को कोटा के शिविर में 14 पुरुषों की नसबंदी कराई गई थी। इनमें से चार लोगों की तबीयत खराब हो गई थी। रात में इन्हें बिलासपुर के हास्पिटल में भर्ती कराया गया है।
प्रदीप अग्रवाल, कोटा, बीएमओ
सभी का दोबारा ऑपरेशन हुआ : नसबंदी के बाद चार लोगों की हालत ज्यादा खराब हो गई थी।सभी का दोबारा ऑपरेशन कराया गया है। अब सभी की हालत खतरे से बाहर है। जहां तक नसबंदी फेल होने की बात है तो एक- दो केस में ऐसा हो जाता है।
बीबी बोर्डे, सीएमएचओ