सिम्स चिकित्सालय के चिकित्साधीक्षक डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सांप काटने के बाद पीडि़त को ठीक करने के लिए लोग झाडफ़ूंक का सहारा लेते हैं। इस तरह से पीडि़त को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। जब तक उसे अस्पताल ले जाते हैं और उसका इलाज शुरू होता है, देर हो चुकी होती है। इससे मरीज की मौत हो जाती है। यदि समय पर अस्पताल पहुंचाया जाए तो 99 प्रतिशत मरीजों को बचाया जा सकता है।