
मेडिकल स्टोर लाइसेंस को रद्द करने वाले नोटिस को निरस्त कराने की एवज में रिश्वत लेने के आरोपित औषधि नियंत्रक विभाग के वरिष्ठ लिपिक रामकिसन जीनगर एवं सहायक औषधि नियंत्रक सुभाष मुटरेजा को शुक्रवार को न्यायालय पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरोत्तम शर्मा ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण मामलात न्यायाधीश के छुट्टी पर होने से इन्हें अवकाश पर होने के कारण इन्हें जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार गुप्ता के समक्ष पेश किया गया।
उधर, गुरुवार रात को मुटरेजा के निवास की तलाश में नौ हजार रुपए नकदी, सोने के आभूषण व हनुमानगढ़ तथा श्रीगंगानगर में दो प्लॉट के कागजात मिले हैं।
मुटरेजा एसबीबीजे, आईडीबीआई सहित विभिन्न बैंकों में खातों की जांच की जा रही है।
