
बिलासपुर. सड़कों की मरम्मत को लेकर निगम प्रशासन संकट में पड़ गया है। 15 अक्टूबर से सड़कों पर डामरीकरण कंक्रीटीकरण कराया जाना प्रस्तावित है। ठेकेदार ले आउट मांग रहे हैं, लेकिन सीवरेज का कार्य अधूरा होने और के कारण निगम के अफसर ठेकेदारों की चिठ्ठी का जवाब देने की स्थिति में नहीं है। वहीं ज्यादातर कार्य स्थल परिवर्तन और अफसरों द्वारा लिखित में न देने की वजह से चालू नहीं हो पा रहा है। मंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट सीवरेज परियोजना ने निगम प्रशासन को एक बार फिर सांसत में डाल दिया है। मामला सड़क निर्माण में आ रही विभिन्न बाधाओं का है, जिसके कारण 15 अक्टूबर से शुरू होने वाल कंक्रीटीकरण और डामरीकरण का कार्य अभी तक अटका हुआ है। स्थिति यह है कि सिंप्लेक्स कंपनी शहर में 150 स्थानों पर पाइप लाइन डालना भूल गई है, जिसकी वजह से अग्रसेन चौक, लिंकरोड, विद्यानगर समेत अन्य इलाकों में करीब 15 से 20 किलोमीटर खुदाई कराकर फिर से पाइप लाइन डलवाया जाना है। इसके अलावा इंजीनियरों के घर बैठकर योजना और स्टीमेट बनाने की वजह से भी कार्य गड़बड़ा गया है। कहीं कार्य हो चुका है तो कहीं सीवरेज परियोजना के हाउस कनेक्शन के चेंबर और अतिक्रमण की वजह से कार्य रुका पड़ा है। नगरीय प्रशासन मंत्री ने बारिश पूर्व टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण करने और बारिश के तत्काल बाद कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए थे।
टेंडर की प्रक्रिया के बाद वास्तविकता सामने आने पर अफसर स्थल परिवर्तन कराकर कार्य कराना चाह रहे हैं लेकिन ठेकेदार बिल लटकने और अन्य पेचीदगियों का हवाला देकर कार्य करने से इनकार करते हुए स्थल परिवर्तन की बात लिखित में देने कह रहे हैं। अफसर अपना गला फंसने के डर से लिखकर देने तैयार नहीं हैं। इन सब पेचीदगियों के चलते दिसंबर माह के पहले सड़कों पर डामरीकरण और कंक्रीटीकरण का कार्य संभव नहीं दिख रहा। यदि राजनीतिक दबाव में कार्य आरंभ भी करा दिया जाता है, तो ये सिर्फ चुनावी सड़कें होंगी। चुनाव के बाद इन सड़कों पर बचे हुए कार्य को कराने फिर से खुदाई करनी पड़ेगी।
Published on:
22 Oct 2017 02:09 pm
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