
नवजात (पत्रिका सांकेतिक तस्वीर)
Bilaspur News: चलती ट्रेन, सामान्य कोच और अचानक उठता असहनीय दर्द… अमृतसर से विशाखापत्तनम जा रही हीराकुंड एक्सप्रेस में सवार एक गर्भवती महिला के लिए यह सफर जिंदगी की सबसे कठिन परीक्षा बन गई।
सुबह के वक्त महिला को तेज़ प्रसव पीड़ा शुरू हुई और वह दर्द से तड़पने लगी। आसपास बैठे यात्री घबरा गए, कोच में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ट्रेन में तैनात टीटीई और रेलकर्मियों ने बिना एक पल गंवाए मानवीयता का परिचय दिया। तत्काल वाणिज्य कंट्रोल को सूचना दी गई।
बिलासपुर स्टेशन पर पहले से सतर्क रेल प्रशासन, वाणिज्य विभाग और मेडिकल टीम ने मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही ट्रेन बिलासपुर स्टेशन पहुंची, रेलकर्मी महिला को सहारा देकर उतारते हैं। दर्द से कराहती उस मां की आँखों में डर था, लेकिन सामने खड़े रेलकर्मियों का भरोसा भी। स्टेशन स्थित मेडिकल हेल्थ सेंटर में डॉक्टरों और स्टाफ की मदद से महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। कुछ ही देर में किलकारी गूंजी एक स्वस्थ कन्या शिशु ने जन्म लिया।
सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार ने बताया कि यह सिर्फ एक डिलीवरी नहीं थी, यह रेलवे कर्मचारियों की संवेदनशीलता, तत्परता और इंसानियत की जीत थी। मां और बच्चा दोनों सुरक्षित रहे और बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किए गए। ग्वालियर से ओडिशा जा रही इस महिला के परिजनों की आंखों में आंसू थे… डर के नहीं, बल्कि राहत और आभार कि मां व शिशु दोनों स्वस्थ हैं।
Updated on:
14 Jan 2026, 1:30 PM IST
Published on:
14 Jan 2026, 1:30 PM IST
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