
इनफर्टिलिटी की समस्या पुरुषों में ज्यादा देखी जा रही है। जानें क्या हैं इसके कारण और इलाज।
बिलासपुर। बांझपन विशेषज्ञ डॉ प्रतिभा माखीजा के अनुसार आमतौर पर माना जाता है कि बांझपन की समस्या ज्यादातर महिलाओं में ही होती है लेकिन अब पुरुषों में भी इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कम उम्र के युवा भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। बांझपन के 40 फीसदी मामले पूरी तरह से महिलाओं से जुड़े हैं, जबकि 40 प्रतिशत पुरुषों से जुड़े हैं । 20 प्रतिशत मामले ऐसे होते हैं जिसमें महिला और पुरुष दोनों में समान रूप से यह समस्या होती है। (Causes of Male Infertility)
ये है कारण (Male Infertility)
पुरुषों में शुक्राणु की कम संख्या या शून्य होन के मुख्य कारण टेस्टिस इन्फेक्शन, चोट या बीमारीए, शुक्राणु परिवहन मार्ग का क्षतिग्रस्त या अवरुद्ध होना, धुम्रपान, शराब और तम्बाकू सेवन, हॉर्मोन्स का असंतुलन, अत्याधिक दवाईयों का सेवन, रसायन के संपर्क में आना, केमिकल युक्त खाद्य पदार्थ, असंतुलित खान-पान व पौष्टिक आहार का आभाव, मोटापा, तनाव आदि है। अधिक उम्र में शादी या देर से बच्चे का प्लानिंग भी बांझपन का कारण बनता जा रहा है। (Preventive Measures)
ये है इसके उपाय
ऐसे दम्पत्ति जो शुक्रणुओं की मात्रा कम होने अथवा खराब गुणवत्ता के कारण संतान सुख से वंचित हैं उनको आईसीएसआई पद्धति का सहारा लेना चाहिए। डा. प्रतिभा माखीजा के अनुसार इस पद्धति में पत्नी का अण्डा शरीर से बाहर निकाला जाता है। पति के वीर्य से पुष्ट शुक्राणु अलग कर लैब में हर अण्डे का एक-एक शुक्राणु से निषेचन कराया जाता है। दो से तीन दिन में अण्डे भ्रुण में परिवर्तित हो जाते है। भु्रण वैज्ञानिक इनमें से अच्छे भ्रुण का चयन करते हैं और उसे पत्नी के गर्भाशय में स्थानांतरित कर दिये जाते हैं। इसके अलावा जिन पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या शून्य होती है उनका टीईएसए पद्धति के माध्यम से टेस्टिस से एक टुकडा निकालकर लैब में जांच के लिए भेजा जाता है। जांच में मिले शुक्राणु से ही आईसीएस पद्धति के द्वारा भ्रुण बनाकर पत्नी के गर्भाशय में स्थानांतरित कर जाते हैं।
Published on:
20 Oct 2019 08:30 pm
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