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VIDEO : छात्रों ने कहा परिवर्तन और एंटी-इन्कंबेसी नहीं, विकास प्रमुख मुद्दा

इस बार 80 से 85 प्रतिशत छात्र अपने घरों से निकलकर विकास के लिए मतदान करेंगे।

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cg election 2018

VIDEO : छात्रों ने कहा परिवर्तन और एंटी-इन्कंबेसी नहीं, विकास प्रमुख मुद्दा

बिलासपुर. छात्रों ने एक सुर से कहा विधानसभा चुनाव 2018 किसी परिवर्तन और एंटी इन्कंबेसी को लेकर वहीं जमीनी विकास के मु²े पर लड़ी जा रही है। इस बार 80 से 85 प्रतिशत छात्र अपने घरों से निकलकर विकास के लिए मतदान करेंगे। ये बात सही है कि वर्तमान सरकार ने कई मोर्चे पर अच्छा काम किया है।

लेकिन सिर्फ अनुदान या लोगों को वक्ती सुविधाएं देने से समस्या का हल हो जाएगा। इस सरकार ने ऐसा नहीं कि समस्याओं के समाधान के लिए काम नहीं किया। लेकिन सिर्फ सतही या फौरी विकास से बात नहीं बनेगी। स्थायी विकास को लेकर काम किया जाना चाहिए। जहां तक नौकरियों का सवाल है तो अब तक इस क्षेत्र में उतनी सफलता नहीं मिली, अभी भी हजारों छात्र डिग्री लेकर नौकरी की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। योजनाएं ऐसी बने कि विकास सिर्फ कागज पर नहीं बल्कि जमीन पर दिखे।

अनुदान से समस्या का समाधान नहीं : सरकार ने किसानों के लिए बोनस, खाद-बीज समेत अनुदान की कई घोषणाएँ की है। लेकिन ये समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जहां तक छात्रों का सवाल है तो उनके लिए मोबाइल, लैपटाप, साइकिल, प्रोत्साहन राशि समेत विभिन्न प्रकार की घोषणाएँ की है। लेकिन ये काफी नहीं है। सरकार से उम्मीद है कि समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में कार्य हों. मसलन नौकरी, ब्रेन-ड्रेन जैसे मामलों को रोका जाए, ताकि छात्रों का स्थायी विकास हो।
उदयन शर्मा, पूर्व अध्यक्ष

80 से 85 प्रतिशत छात्र करेंगे मतदान : वर्तमान मतदान का प्रतिशत 80 से 85 प्रतिशत रहेगा। छात्रों के बड़े समूह से चर्चा के दौरान ये बात स्पष्ट हुई है कि बड़े पैमाने पर छात्र मतदान करेंगे। एक बात अवश्य है कि छात्रों के लिए घोषणाएं तो बड़ी की गई, पर जमीन सतह पर बात कुछ मिसिंग रह गई। सत्ता परिवर्तन छात्रों का मु²ा नहीं, बस विकास में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।
शैलेश पांडेय, पूर्व छात्र सचिव

फारेंसिक साइंस विषय को शामिंल करें : प्रदेश की सरकार फारेंसिक साइंस विषय को पुलिस सेव के लिए निकाली जाने वाली वेकेंसी में शामिल करे। इस बात को लेकर राज्य के गृह मंत्री से लेकर मुख्यामंत्री तक को अवगत कराया गया। लेकिन इस पर पिछले चार वर्षों में निर्णय नहीं हुआ। जो भी सरकार चुन कर आए, इस विषय को अवश्य शामिल करे।
दीपक बारमते, छात्र फारेंसिक साइंस, सीयू

अनुदान का राग छोड़ अब विकास की बात हो : जो भी सरकार चुन कर आए, उसे अनुदान और सहायता राशि की बात छोड़ कर स्थायी विकास के मु²े को अमलीजामा पहनाना होगा। बहुत हुआ दो रुपए किलो चावल, गैस सिलेंडर और ना जाने क्या-क्या। हमें अनुदान नहीं, स्थायी नौकरी चाहिए। तकि जिस मकसद से पढ़ाई कर रहे हैं, उसका प्रतिफल मिले।
अनुपात गुप्ता, छात्र नेता

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