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आसान नहीं चुनाव, गठबंधन जीत की बूटी नहीं, जी तोड़ करो मेहनत

निर्धारित समय से करीब डेढ़ धंटे बाद बैठकों और रायशुमारी का दौर शुरू हुआ।

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election 2018

आसान नहीं चुनाव, गठबंधन जीत की बूटी नहीं, जी तोड़ करो मेहनत

बिलासपुर. भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं से रायशुमारी के दौरान बसपा-छजका गठबंधन और आप का भय खुलकर दिखा। पर्यवेक्षकों को कहना पड़ा कि बस इतना समझ लीजिए कि यह चुनाव आसान नहीं है। इस बार जकांछ और बसपा ने तो अपनी ताकत दिखा दी इसके अलावा आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भी मैदान में हैं। ऐसे में ये सुनिश्चित कर लें की जी तोड़ मेहनत करनी होगी। बैठक के बाद प्रत्याशी चयन के लिए पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं से विधानसभावार वोटिंग भी कराई गई। राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री सौदान सिंह की घोषणा के तहत रायपुर से सांसद रमेश बैस के नेतृत्व में 3 पर्यवेक्षक सुबह भाजपा कार्यालय पहुंचे। निर्धारित समय से करीब डेढ़ धंटे बाद बैठकों और रायशुमारी का दौर शुरू हुआ।

पर्यवेक्षकों ने विधानसभावार मस्तूरी, कोटा, बेलतरा, तखतपुर, मरवाही, बिल्हा और बिलासपुर के प्रमुख पदाधिकारियों की अलग-अलग बैठक ली और कहा कि वे प्रदेश संगठन के निर्देश पर यहां रायशुमारी और उनकी पसंद जानने के लिए आए हैं। कार्यकर्ता अपनी बात रख सकते हैं और अपनी दावेदारी के लिए चाहें तो आवेदन भी दे सकते हैं। पूर्व महापौर उमाशंकर जायसवाल ने पर्यवेक्षकों सांसद रमेश बैस, पूर्व कोषाध्यक्ष भीमसेन अग्रवाल और पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू के समक्ष बेलतरा से अपनी दावेदारी का आवेदन प्रस्तुत कर अपनी बात रखते हुए सर्वसम्मति बनाकर योग्य प्रत्याशी को टिकट देने की बात कही। वहीं पूर्व पार्षद राजेश सिंह ठाकुर और जातिगत समीकरण के बजाए लोकप्रियता के आधार पर टिकट देने की बात कही । शाम 6 बजे के बाद जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्र के लिए मतदान की प्रक्रिया की गई। पर्यवेक्षक सांसद रमेश बैस ने कहा कि टिकट तो हर विधानसभा से एक ही दावेदार को मिलेगी जिसको कार्यकर्ता पसंद करेगे। इसीलिए उनकी मांग पर रायशुमारी और मतदान कराने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद किसी तरह का संशय और विवाद न हो इसका विशेष ख्याल रखें। मतपेटी से निकला निर्णय सभी को मान्य होगा। किसी एक व्यक्ति को टिकट मिलेगा, सभी उसे चुनाव जिताएंगे।

ये रही मतदान की स्थिति : बताया जाता है कि एक मंडल से जिला और प्रदेश पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी, निगम, मंडल के अध्यक्ष, युवा मोर्चा समेत 16 लोगों से मतदान कराया गया। बिल्हा विधानसभा से 80 पदाधिकारियों, मस्तूरी विधानसभा के 6 मंडलों से 80 पदाधिकारियों ने मतदान किया। इसी तरह सभी विधानसभा से पदाधिकारियों ने मतदान किया।
टिकट अभी तय नहीं, संगठन के निर्देश पर मतदान- बैस : सांसद व रायशुमारी के लिए आए पर्यवेक्षक रमेश बैस ने कहा कि किसी की टिकट तय नहीं हुई है। कहने वाले तो कुछ भी कहते हैं। पार्टी संगठन के निर्देश पर आया हूं। वहीं विधायक रामदयाल उइके की पुन: वापसी और जोड़तोड़ की राजनीति के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने कोई जोड़तोड़ नही की जो आ रहे उनका स्वागत है।एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी की टिकट फाइनल नहीं हुई है, संगठन के निर्देश पर ही मतदान कराया जा रहा है। कहने वाले कुछ भी कहें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। कहीं अविश्वास की बात भी नहीं है। भाजपा कार्यालय में चर्चा करते हुए सांसद बैस ने कहा कि जिले के विधानसभावार प्रमुख पदाधिकारियों से उनकी पसंद के दावेदार का नाम जानने के लिए वोटिंग कराई गई है।

इस वोटिंग प्रक्रिया में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के मंडल अध्यक्ष, मंडल महामंत्री, निगम और मंडल के अध्यक्ष, जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नगर निगम के महापौर, सभापति, नगर पालिका के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, युवा मोर्चा और महिला मोर्चा के अध्यक्ष समेत प्रमुख पदाधिकारियों से रायशुमारी कर उनसे वोटिंग कराई गई है। मतदान के बाद केंद्रीय कार्यालय रायपुर में रात में ही पेटियों को खोलकर गिनती कर सूची बनाई जाएगी। इसी के आधार पर पसंद के दावेदार का चयन किया जाएगा।
मुंगेली में भी बैठक के बाद वोटिंग : मुंगेली के जिला भाजपा कार्यालय के बैठक में मुंगेली व लोरमी सीटों के लिए दावेदारों ने अपना पक्ष पर्यवेक्षक के सामने रखा। राज्य से भेजे गये पर्यवेक्षक प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मेजर अनिल सिंहए महिला बाल विकास मंत्री रमशीला साहू व प्रदेश सदस्य गोपाल शर्मा के सामने लोरमी व मुंगेली के दावेदार प्रत्याशियों से आवेदन लिए गये। लोरमी विधानसभा क्षेत्र से लगभग 15 ने अपना पक्ष रखा। जिनमें प्रमुख तोखन साहू, कोमल गिरी गोस्वामी, गुरमीत सिंह छाबड़ा, वर्षा सिंह, जवाहर साहू व विनय साहू ने आवेदन जमा किए। लोरमी के कुल 56 मतदातओं में से 53 ने मतदान किया। इसी तरह से मुंगेली विधानसभा से लगभग 9 लोगों ने अपना पक्ष रखा।

विवाद और हंगामा भी : बताया जाता है कि डॉ मनीष रॉय भी बिलासपुर विधानसभा की बैठक के दौरान भाजपा कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया जिससे विवाद और हाथापाई की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद सीनियर नेताओं ने बीच बचाव कर झगड़ा शांत कराया।