
बिलासपुर. इंडियन ऑयल कंपनी को सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तक का खौफ नहीं है। कंपनी द्वारा नगर निगम के आदर्श पेट्रोल पंप में प्रतिबंध के बाद भी प्रिमियम पेट्रोल के लिए लाल ईंट से टैंक का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने शासकीय निर्माण कार्यों में केवल फ्लाईएश का उपयोग करने के निर्देश हंै। मुंगेली नाका चौक पर निगम के आदर्श पेट्रोल पंप में करीब एक पखवाड़े से प्रिमियम पेट्रोल के लिए अलग से एक टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। इंडियन ऑयल के ठेकेदार द्वारा यहां टैंक निर्माण में धड़ल्ले से लाल ईंट का उपयोग किया जा रहा है। इसको रोकने के लिए न तो इंडियन ऑयल कंपनी के अफसर गंभीरता दिखा रहे हैं और न ही निगम के अफसर।
सोमवार को पंप में पेट्रोल डलवाने के लिए पहुंचे एक उपभोक्ता ने जब इसको लेकर पेट्रोल पंप अधिकारी से चर्चा कर ध्यान आकृष्ट कराया तो पेट्रोल पंप प्रभारी ललित त्रिवेदी ने अपने उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करा इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के अफसरों और ठेकेदार से चर्चा की। बुधवार को भी लाल ईंट से ही टैंक का निर्माण कार्य चलता रहा।
ये हैं निर्देश : सुप्रीम कोर्ट एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने समस्त शासकीय निर्माण कार्यों में लाल ईंट के उपयोग को प्रतिबंधित करते हुए फ्लाई एश से निर्मित ईंट से निर्माण के निर्देश जारी कर दिए हैं। सीपीडब्ल्यूडी एवं स्टेट पीडब्ल्यूडी तथा नगर निगम के मैन्युअल में भी शासकीय निर्माण के लिए फ्लाईएश ब्रिक्स से ही निर्माण कार्य कराने निर्देश दिया गया है।
निर्देश का होगा पालन : निगम और इंडियन ऑयल के उच्चाधिकारियों को इस संबंध में जानकारी देकर अवगत करा दिया गया है। मैने ठेकेदार से भी चर्चा कर ली है आगे निगम और इंडियन ऑयल प्रशासन से जो भी निर्देश मिलेगा उसका पालन कराएंगे।
ललित त्रिवेदी, प्रभारी नगर निगम पेट्रोल पंप
अब तककोई आपत्ति नहीं : एेसा नहीं है, हम तो सभी जगह लाल ईंट से ही निर्माण कार्य करा रहे हैं। इंडियन ऑयल ने भी अभी तक कहीं कोई आपत्ति नहीं की है।
मोहम्मद अल्ताफ, अंसार इलेक्ट्रिकल्स रायपुर
Published on:
17 Aug 2017 12:12 pm
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