
suicide
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के लिम्हा के जंगल में 17 वर्षीय किशोरी की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। फारेस्ट चौकीदार सोनसाय यादव ने ग्रामीण निलमणी मानिकपुरी से जानकारी लगते ही बीट प्रभारी रहस राम नागेश को घटना दी थी। किशोरी का फंदे पर लटका शव होने की जानकारी लगते ही रतनपुर पुलिस मर्ग कायम कर जांच को आगे बढ़ा रही है।
पुलिस के अनुसार फंदे पर झूलती लाश को जब नीचे उतारा गया तो उसके पास से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान अंजली पिता रामाधार (17) निवासी कसीयरापारा लिम्हा के रूप में हुई। किशोरी के परिजनों की तलाश कर रही रतनपुर पुलिस को पता चला कि युवती सीपत थाना क्षेत्र के खोदरा में अपने बड़े पिताजी के घर में छ: माह से रह रही थी। 7 दिन पूर्व वह बड़े पिताजी को नानी घर जाने की बात कह कर निकली थी। उसके बाद से किशोरी का पता नहीं था।
सूचना पर घटनास्थल पहुंचे बड़े पिताजी ने पुलिस को बताया कि वह यही सोच रहे थे की अंजली अपने नानी के घर होगी। उन्हें नानी घर में बात कर जानकारी नहीं ली थी। किशोरी के नानी घर सूचना देने बाद भी कोई नहीं पहुंचा। पुलिस ने मामले में किशोरी के शव का पोस्टमार्टम करवा लिया है। सोमवार को पीएम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी।
10 साल पहले मां और 2 साल पहले पिता की मौत
मामले की जांच कर रही पुलिस को पता चला की अंजली की मां 10 साल पहले ही उसे छोड़ कर दुनिया से चली गई थी। वहीं 2 साल पहले पिता का साया भी सर से उठ गया था। कभी वह बड़े पिताजी के यहां रहती तो कभी अपनी मामा व नानी के घर रहने चली जाती थी। फांसी लगाने के कारण परिजनों के बयान के बाद ही स्पष्ट होगा।
Published on:
07 Jun 2021 03:41 pm
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