भूपेश बघेल के एक बयान पर डॉ.रमन सिंह ने कहा कि जब मैं बड़े पद में था तब भूपेश राजनीति की एबीसीडी सीख रहे थे। तीन बार मुख्यमंत्री रहने के पहले हम केंद्र में मंत्री रह चुके हैं।
बिलासपुर. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पत्रकारों के एक सवाल का जवाब फिल्मी अंदाज में दिया। उन्होंने कहा जब भूपेश बघेल राजनीति की एबीसीडी सीख रहे थे उस समय वे केंद्र में मंत्री थे। इसलिए डॉक्टर रमन को अपनी पूछपरख के लिए भूपेश बघेल की आवश्यकता नहीं है। पहले वो अपनी कुर्सी बचा लें, यही बड़ी बात है।
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सोमवार को यहां आए थे। उन्होंने पूर्व मंत्री मूलचंद खण्डेलवाल के निधन पर परिवार के बीच शोक प्रकट कर अपनी संवेदना व्यक्त की। इसके बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि ढाई साल में जो राजनीतिक कल्चर डेवलप हुआ है वो छत्तीसगढ़ की तासीर के विपरीत है। यहां की जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है। जनता के मन में आक्रोश है। डेवलपमेंट के काम ठप हो गए हैं। यहां अधिकारियों की पोस्टिंग की बोली लगती है। इसके लिए पूरी तरह से भूपेश बघेल जिम्मेदार हैं। यही भूपेश बघेल जब विपक्ष में थे, तब केंद्र और राज्य सरकार को चिट्ठी लिखकर 1 नवम्बर से धान खरीदी की मांग करते थे, मगर अब जब वे खुद मुख्यमंत्री हैं तो किसानों का धान बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। यहां ढाई साल की राजनीति का द्वंद्व चल रहा है जिसके कारण प्रशासन पंगु हो गया है। उद्योगों के लिए छत्तीसगढ़ में कोल की कमी नहीं है। खुद केन्द्रीय कोयला मंत्री ने ये बात निरीक्षण के बाद कही है।
महंगाई के लिए बैरल और डॉलर जिम्मेदार : डॉ रमन
डॉ. रमन ने केंद्र सरकार का बचाव करते हुए कहा कि महंगाई के लिए बैरल और डॉलर जिम्मेदार है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब क्रूड ऑयल की कीमत कम होगी तो मंहगाई अपने आप खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री की दावेदारी को लेकर उन्होंने कहा कि बीजेपी में विधायक दल इसका निर्णय करता है। पहले से कोई घोषणा करने की अब भी जरूरत नहीं है। भूपेश बघेल के एक बयान पर उन्होंने कहा कि जब मैं बड़े पद में था तब भूपेश राजनीति की एबीसीडी सीख रहे थे। तीन बार मुख्यमंत्री रहने के पहले हम केंद्र में मंत्री रह चुके हैं। इसलिए यह कहना उचित नहीं है कि भूपेश बघेल के कारण मेरी पहचान है। जब भूपेश राजनीति की एबीसीडी सिख रहे थे तो हम केंद्र में मंत्री थे। अभी तो वे अपनी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं उसे बचा लें, यही बड़ी बात है। उत्तरप्रदेश में बघेल 50 लाख की घोषणा करते हैं मगर छत्तीसगढ़ के बस्तर में उनसे रुपए नहीं निकल रहे। प्रदेश में रेत माफिया हावी हैं। बदहाल छत्तीसगढ़ में भूपेश अपना दो साल का कार्यकाल बचाने में लगे हुए हंै। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन में अभी कोई फेरबदल नहीं होना है।