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बंद लिफाफे में हैदराबाद से पुलिस को मिली गौरांग बोबड़े की फारेंसिक जांच रिपोर्ट, कोर्ट में की गई जमा

मंगलवाल को हैदराबाद फांरेसिंक लैब गौरांग बोबड़े गैर इरादतन हत्या कांड की सील बंद रिपोर्ट पहुंची।

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bilaspur

बंद लिफाफे में हैदराबाद से पुलिस को मिली गौरांग बोबड़े की फारेंसिक जांच रिपोर्ट, कोर्ट में की गई जमा

बिलासपुर. चर्चित गौरांग बोबड़े कांड की फारेंसिक जांच रिपोर्ट सिविल लाइन पुलिस को मंगलवार को प्राप्त हुई। पुलिस ने इस रिपोर्ट को जांच के लिए न्यायालय में पेश किया है। मालूम हो कि 21 जुलाई 2016 को रामा मैग्नेटो मॉल के टीडीएस बार से निकलने के बाद सीढिय़ों पर गौरांग बोबड़े की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने मामले में घटना के समय साथ रहे उसके दोस्तों अंकित मल्होत्रा, करण खुशलानी, करण जयसवाल, व किंशुक अग्रवाल पर आरोप लगाया था। जिस पर पुलिस ने गैर इदातदन हत्या का अपराध दर्ज कर चारों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के अनुसार मंगलवाल को हैदराबाद फांरेसिंक लैब गौरांग बोबड़े गैर इरादतन हत्या कांड की सील बंद रिपोर्ट पहुंची।

रिपोर्ट मिलने के बाद सिविल लाइन थाना प्रभारी जगदीश मिश्रा ने रिपोर्ट तत्काल न्यायालय के सुपुर्द कर दिया। जांच रिपोर्ट के खुलासे के बाद ही पता चल सकेगा कि गौरांग की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी। क्योंकि परिजनों ने मामले में आरोपियों पर सीढिय़ों से ढकेल कर हत्या करने का आरोप लगाया था। बहुचर्चित गौरांग बोबड़े मामले में पुलिस पर समाज सेविका ममता शर्मा ने लेन-देन का आरोप लगाते हुए हत्या को गैर इरादतन हत्या में तब्दील करने व बार संचालकों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। उस दौरान पुलिस ने खुद पर लगने वाले आरोपों को देखते हुए मामले से जुड़े हर पहलू की जांच करने के साथ ही जब्त सीसीटीवी फुटेज की जांच के लिए हैदराबाद लैब भेजा था। वहीं मॉल के मैनेजर, टीडीएस बार के संचालक, लिफ्ट मैन व अन्य कर्मचारियों सहित कुल 50 से अधिक लोगों को बयान दर्ज किया था।

सभी आरोपी जमानत पर हैं रिहा : गौरांग बोबड़े संदिग्ध हत्याकांड के मामले में हाईकोर्ट में चारों आरोपियों को जमानत देने से इंकार कर दिया था। आरोपियों के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को बदलते हुए तीन आरोपियों को अंकित मल्होत्रा, करण खुशलानी व किंशुक अग्रवाल को जमानत पर रिहा कर दिया था। बाद में करण जयसवाल को जमानत मिल गई थी।
जांच रिपोर्ट आई : हैदराबाद से फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आई है। जिसे सत्र न्यायालय में पेश किया गया है। जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में आई है।
जगदीश मिश्रा, टीआई, सिविल लाइन