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एड्स पीडि़तों को मुख्यधारा से जोडऩे सरकारी ने की यह पहल

एचआईवी और एड्स पीडि़तों को सरकार समाज की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए अब उन्हें एक रुपए के हिसाब से हर माह 35 किलो चावल देने का फैसला लिया गया है।

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बिलासपुर. अब एचआईवी पीडि़तों के लिए खास राशन कार्ड बनेगा। इसके जरिए उन्हें महीने में 35 किलो चावल मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने एड्स पीडि़तों को इसके लिए चिन्हांकित किया है। एड्स पीडि़तों को समाज की मुख्य धारा से जोडऩे के मकसद से इस तरह की सुविधा शुरू की जा रही है। शक्कर और मुफ्त नमक भी अन्य हितग्राहियों की भांति मिलेगा। खाद्य विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से एवआईवी पीडि़तों की प्रमाणित सूची मांगी है। जिले में एचआईवी और एड्स पीडि़तों के उपचार के लिए सिम्स में एआरटी सेंटर खोला गया है। इस सेंटर में उस पैमाने पर एचआईवी और एड्स पीडि़त इलाज कराने नहीं आते जितनी वास्तविक संख्या है। डॉक्टरों के मुताबिक एचआईवी जब एड्स का रूप ले लेता है तो मरीज की प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है और उसे यह लगने लगता है कि वह ठीक नहीं हो पाएगा। इस तरह वह इलाज अधूरा छोड़कर भी चला जाता है। एचआईवी और एड्स पीडि़तों को सरकार समाज की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए अब उन्हें एक रुपए के हिसाब से हर माह 35 किलो चावल देने का फैसला लिया गया है। शक्कर और मुफ्त नमक भी अन्य हितग्राहियों की भांति मिलेगा।
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पीडि़त आएंगे सामने हो सकेगा इलाज : सरकार एचआईवी और एड्स की रोकथाम करने के लिए हर साल करोड़ों रुपए खर्च कर रही है लेकिन इसके बाद भी मरीज बढ़ रहे हैं। राशन देने की योजना शुरू करने से ऐसा माना जा रहा है कि पीडि़त अपनी बीमारी नहीं छिपाएंगे और इलाज कराने सामने आएंगे। सरकार की इस योजना के बाद मरीज अपने परिवार की व्यवस्था के लिए भी पहल करेंगे।
इसलिए बनवाया जा रहा राशन कार्ड : विभागीय सूत्रों के मुताबिक एचआईवी और एड्स पीडि़तों की संख्या दर्ज आंकड़ों से कहीं ज्यादा है। लेकिन बीमारी लोगों में उजागर न हो, इसलिए कई लोग इलाज के लिए नहीं आते। इसका नतीजा यह होता है कि वे अपनी बीमारी जाने-अनजाने में दूसरों को भी दे सकते हैं। इससे हालात गंभीर हो सकते हैं। इसे देखते हुए योजना शुरू की गई है।
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स्वास्थ्य विभाग से मांगी गई सूची : एचआईवी पीडि़तों को सरकार ने अन्य हितग्राहियों की तरह खाद्यान्न वितरण योजना से जोड़ा है। उन्हें 35 किलो चावल शक्कर व मुफ्त नमक हर महीने मिलेगा। चिन्हांकित मरीजों की सूची स्वास्थ्य विभाग से मांगी गई है। स्वास्थ्य विभाग जिस व्यक्ति को प्रमाणित करके देगा उन्हें खाद्यान देना शुरू कर दिया जाएगा।
ईडी पटेल, खाद्य नियंत्रक

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