भाजपा, कांग्रेस व जेसीसीजे से जो विधायक प्रत्याशी हैं, इनमें से कोई भी बेलतरा विधानसभा से निवासी नहीं है। ये सभी बिलासपुर विधानसभा में वोटिंग करते हैं। यही वजह है कि इस बार पार्टी कार्यकर्ताओं में ही नाराजगी थी। पार्टी के लिए काम करना है, इस वजह से कार्यकर्ता चुनाव में काम कर रहे थे, पर लोग भी चुनाव में अधिक रुचि लेते नहीं दिख रहे थे। बेलतरा विधानसभा में लगभग 65.71 प्रतिशत वोटिंग हुई है। ये आंकड़ा बीते वर्ष से कम है। इस बार वोटिंग को लेकर लोगों का रुझान दोपहर के बाद देखा गया। सुबह थोड़ी भीड़ जरूर दिखी थी। मतदान केंद्र खुलने से पहले ही लोग पहुंच गए थे, लेकिन दोपहर तक वोटिंग के लिए लोग धीरे-धीरे घर से निकले। दोपहर 3 बजे के बाद भीड़ देखी गई। फिर एकाएक पोलिंग बूथ में लंबी कतार लोगों की लगी लग गई। पोलिंग बूथ में महिला और पुरुषों की लाइऩ अलग-अलग लगाई गई थी। बारी-बारी
से लोगों को अंदर वोट करने के लिए जाने दिया जा रहा था। कई मतदान केंद्रों में पानी व सफाई की उचित व्यवस्था नहीं थी। लिंगियाडीह दयालबंद पुल के पास बनाए गए मतदान केंद्र में काफी अव्यवस्था देखी गई। वहीं पटवारी प्रशिक्षण में बनाए गए केंद्र में लोग पानी के लिए इधर उधर भटकते दिखाई दिए। लोगों का कहना कि बूथ तो बनाया गया, लेकिन जगह छोटी है। इस वजह से रोड़ तक लाइन लड़ना पड़ रहा है। देरी से आने की वजह से लोग 5 बजे तक तो पोलिंग बूथ के भीतर चले गए थे, लेकिन 6 बजे तक कई जगहों पर वोटिंग चलती रही है।