बिलासपुर. आदिवासी कार्यकर्ता और आप नेता सोनी सोढ़ी और उनके भतीजे लिंगाराम कोडोपी की माओवादियों की मदद करने के आरोप और देशद्रोह मामले में दायर पुनरीक्षण याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है। जस्टिस चंद्रभूषण बाजपेयी की एकल बेंच ने इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद रखी है। इस मामले में सोनी सोढ़ी पर आरोप है कि माओवादियों की मददगार हैं।
वह विभिन्न संस्थानों से पैसा उगाह कर माओवादियों को पहुंचाने का काम करती है। वर्ष 2013 में पालनार के बाजार से सोनी सोढ़ी, लिंगाराम कोडोपी, बीके लाला सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर उनसे 15 लाख रुपए जब्त किए गए थे। आरोप के अनुसार सभी लोग यह रकम बस्तर में लग रहे टाटा एस्सार संयंत्र से वसूल कर माओवादियों को देने जा रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्रदेश के जनसुरक्षा अधिनियम सहित भारतीय दंड संहिता की धारा 124 के तहत देशद्रोह व धारा 120 के तहत अपराधिक षड्यंत्र का प्रकरण भी दर्ज किया था। यह मामला ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है। सोनी सोढ़ी इस मामले में अभी जमानत पर हैं।