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बेमियादी हड़ताल: सिम्स, जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों मेें नर्सिंग कॉलेज के छात्रों ने संभाली कमान

बिलासपुर. वेतन विसंगति, नियमितीकरण समेत 24 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन यानी गुरुवार को भी जारी रही। हड़ताल के मद्देनजर हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने 8 नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं को ड्यूटी पर लगा दिया है।

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Indefinite strike: Nursing college students took command in Sims, Dist

Indefinite strike: Nursing college students took command in Sims, Dist

स्टूडेंट्स ने लिजे भर के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कमान संभाल ली है, इसके बावजूद जांच प्रक्रिया प्रभावित रही, लिहाजा इस हाल में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने की कवायद शुरू हो गई है। स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में धीरे-धीरे अन्य विभागों के कर्मचारी भी जुटते जा रहे हैं। हड़ताल के तीसरे दिन गुरुवार को जिले के समस्त ब्लॉक, जिला चिकित्सालय बिलासपुर , राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी, सिम्स , शहरी स्वास्थ्य केंद्र, समस्त हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, नर्सिंग कैडर के समस्त कर्मचारी, एआरटी सेंटर, जिला टीबी एवं कुष्ठ विभाग ,समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी, जीवन दीप समिति के कर्मचारी, रेडियोग्राफर, नर्सिंग सिस्टर, वार्ड बॉय ,वार्ड आया, लिपिक वर्ग, कंॅम्प्यूटरऑपरेटर, लैब अटेंडेंट डार्करूम सहायक सहित करीब 1700 कर्मचारियों ने हड़ताल को समर्थन देते हुए धरने पर बैठे। इससे सिम्स व जिला चिकित्सालय में एक्सरे ,पैथोलॉजी, सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई की केवल आपातकालीन सेवाएं ही चालू रहीं, बाकी मरीजों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इधर मेजर ऑपरेशन, सर्जरी भी कर्मचारियों के अभाव में बंद रहे। इसी तरह सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जांच प्रक्रिया प्रभावित रही। जिन मरीजों को डॉक्टरों ने किसी प्रकार की जांच के लिए भेजा, उन्हें बाहर जांच कराना पड़ा। इससे ज्यादातर मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ। बाहर जांच कराने में मरीजों को अस्पताल की तुलना में कई गुना ज्यादा शुल्क भुगतान करना पड़ा। आर्थिंक तंगी के चलते बहुत से मरीजों ने तो हड़ताल खत्म होने की आस में जांच को ही टाल दिया।

0 दो-तीन दिन के अंदर मांग पूरी न हुई तो आपातकालीन सेवा भी बंद करने की चेतावनी जिला अध्यक्ष प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ अमरू साहू का कहना है कि हड़ताल से गंभीर मरीज प्रभावित न हों इस लिहाज से इमरजेंसी जांच के लिए कुछ कर्मचारियों को ड्यूटी करने की छूट दी गई है। जिससे सीरियस मरीजों का इलाज प्रभावित न हो। लेकिन अगर दो से तीन दिन के अंदर मांग पूरी की गई तो आपातकालीन सेवा भी बंद करने मजबूर होना पड़ेगा।

0 आयुष्मान योजना का लिया जा रहा सहारा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की बेमियादी हड़ताल के मद्देनजर सीएमएचओ डॉ. राजेश शुक्ला ने आयुष्मान योजना का सहारा लेने सरकारी अस्पतालों को छूट दे दी है। इस प्रकार अब गंभीर मरीजों को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से ऐसे निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है, जहां इस योजना के तहत इलाज हो रहा है।

0 अचेत वृद्धा को कई घंटे एक्सरे के लिए रुकना पड़ा

गुरुवार को अस्पताल में भर्ती एक वृद्धा को एक्सरे के लिए भेजा गया। अचेत हालत में स्ट्रेचर के माध्यम से उसे परिजन एक्सरे रूम के पास लेकर पहुंचे। उसे करीब पौन घंटे एक्सरे के लिए इंतजार करना पड़ा। इस तरह आपातकालीन सेवा भी पूरी तरह से मरीजों को नहीं मिल पा रही है।

वर्जन...1 स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के मद्देनजर एक ओर जहां 8 नर्सिंग कॉलेजों के 334 छात्र-छात्राओं को जिले भर के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी पर लगा दिया गया है। इससे स्टाफ की कमी काफी हद तक पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी ओर आयुष्मान कार्ड के माध्यम से गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने निर्देश दे दिए गए हैं। सिम्स में भी इस प्रकिया को अपनाने कहा गया है, जिससे मरीजों का इलाज प्रभावित न हो। डॉ. राजेश शुक्ला, सीएमएचओ बिलासपुर।

वर्जन...2 पूरी कोशिश की जा रही है कि मरीजों का इलाज प्रभावित न हो। विशेष जरूरी होने पर गंभीर मरीजों को आयुष्मान योजना के माध्यम से निजी अस्पतालों में रेफर भी किया जा रहा है। डॉ. नीरज शेंडे, एमएस सिम्स।