
Indefinite strike of health workers stalled investigation process in h
मरीजों को खून जांच से लेकर एक्सरे, सीटी स्कैन समेत अन्य जांचों को के लिए निजी पैथोलैब भटकना पड़ा। इससे जहां एक ओर जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई, वहीं मरीजों को जांच के लिए जेब ढीली करनी पड़ी। शासन से लगातार अपनी मांग करने के बाद भी जब स्वास्थ्य कर्मचारियों की नहीं सुनी गई तो आखिरकार छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। पहले दिन नेहरू चौक में स्वास्थ्य विभाग के समस्त कैडर के कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित होकर अपनी मांगों के संबंध में आंदोलन शुरू किए। इधर इनकी हड़ताल से सिम्स, जिला अस्पताल समेत अन्य चिकित्सालयों में सबसे ज्यादा जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई। ब्लड जांच, एक्सरे, सोनोग्राफी, सीटी स्कैन की जांच न हो पाने से मरीज परेशान रहे। जिन मरीजों को डॉक्टरों से किसी प्रकार की जांच के लिए भेजा, उन्हें बाहर जांच कराना पड़ा। इससे ज्यादातर मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ। तबीयत के मद्देनजर बहुत से मरीजों ने बाहर जाकर जांच कराया, लेकिन उन्हें वहां अस्पताला की तुलना में दो से तीन गुना ज्यादा शुल्क भुगतान करना पड़ा। बतादें कि सिम्स में हर रोज 1200 मरीजों का ब्लड टेस्ट व 300 से ज्यादा अन्य जांच होता है। इसी तरह जिला अस्पताल में करीब 700 मरीजों का ब्लड टेस्ट व 150 से ज्यादा अन्य जांच होती है। इमरजेंसी केसेज छोड़ ज्यादातर मरीजों को बाहर जांच कराना पड़ा। बहुत से मरीजों ने तो हड़ताल खत्म होने की आस में जांच को ही टाल दिया है।
0 जिले के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी असर इस हड़ताल से शहर के जिला अस्पताल, सिम्स, सिटी हॉस्पिटल ही नहीं जिले भर के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मुख्य रूप से जांच प्रक्रिया प्रभावित रही। इससे विशेष कर ग्रामीण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
0 इमरजेंसी सेवा के लिए संघ ने कुछ कर्मचारियों को छोड़ा जिला अध्यक्ष प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ अमरू साहू ने बताया कि हड़ताल से गंभीर मरीज प्रभावित न हों इस लिहाज से छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने हड़ताल के दौरान इमरजेंसी जांच के लिए कुछ कर्मचारियों को ड्यूटी करने की छूट दी है। उम्मीद है कि राज्य शासन उनकी मांगों को जल्द सुनेगी।
0 हड़ताल लंबी खिंची तो आयुष्मान कार्ड का लिया जाएगा सहारा सीएमएचओ डॉ. राजेश शुक्ला व सिम्स के एमएस नीरज शेंडे का कहना है कि हड़ताल यदि लंबी खिंची तो आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मरीजों को ऐसे निजी अस्पतालों में में रेफर किया जाएगा, जहां इसके माध्यम से इलाज की सुविधा है। किसी भी हालत में मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
0 हड़ताल से ये रहे प्रभावित -सेंट्रल लैब पैथोलॉजी- हीमोग्लोबिन, सम्पूर्ण ब्लड सेल जांच, ई.एस.आर., ब्लड ग्रुप, परिफेरल स्मीयर, मलेरिया, यूरिन रूटीन माइक्रोस्कोपी जैसे महत्वपूर्ण जांच प्रभावित रहे। पहले- एक दिन में 1200 जांच होता था आज 500 नही हो पाया है। -पैथोलॉजी कॉलेज- हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच जो कि मरीजों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, जिसमे कैंसर जैसे कारणों व बीमारी का पता चलता है पूर्णत: बंद रहा। -फोरेंसिक हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच जो पोस्टमार्टम के विसरा जांच के लिए महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से आपराधिक प्रकरण की भी जांच की जाती है। समस्त जांच पूर्णत: बंद रहा। - साइटोपैथोलॉजी जांच नहीं हो सकी। -कॉलेज में एमबीबीएस के स्टूडेंट की पढ़ाई के लिए प्रायोगिक क्लासेस बंद रहे। -पोस्ट मॉर्टम जांच बंद रहा। -मेडिकल कॉलेज की स्थापना से लेकर समस्त विभाग के कार्यालय बंद रहे। -एक्सरे, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी की इमरजेंसी जांच ही हो सकी।
0 इस बार आरपार की लड़ाई
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष रविंद्र तिवारी ने धरना प्रदर्शन में कहा कि स्वास्थ कर्मचारियो के विषय में अब सरकार गंभीर होकर सोचे, अन्यथा अपनी सरकार को आगामी चुनाव में गिरते हुऐ देखेगी। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती। जिलाध्यक अमरू साहू ने कहा कि राज्य सरकार ने 2018 के चुनावी घोषणा पत्र में सभी संविदा एवं अनियमित कर्मचारियों को नियमित करते का वादा किया था, लेकिन वे अपने वादों को भूल गई है। प्रांतीय संयोजक प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को शासन नियुक्ति दिनांक से ही ठगते आ रही है , जिसमें वेतन विसंगति के साथ साथ केन्द्र शासन के प्रस्ताव अनुरूप सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के नियमितीकरण के लिए किसी भी प्रकार का प्रस्ताव नहीं बनाने का आरोप लगाया है। इस अवसर पर संभागीय अध्यक्ष बिलासपुर विकास यादव, सोहन लाल कुंभकार, विनायक चंद्रवाशी, सुनील सोनी, देवेंद्र बंजारा सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल थे।
वर्जन...1
स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताले से कामकाज तो प्रभावित हो रहा है, पर इससे मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। वैकल्पिक व्यवस्था बना ली गई है। डॉ. राजेश शुक्ला, सीएमएचओ बिलासपुर।
वर्जन...2 वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सीएमएचओ से बात की गई है, स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से जांच प्रक्रिया प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। डॉ. नीरज शेंडे, एमएस सिम्स।
Published on:
05 Jul 2023 12:19 am
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