
बिलासपुर . अंगूठे के बाद नगरीय निकायों में निष्ठा एप से हाजिरी देने का फरमान कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे बिना वेतन के काम कर निष्ठा तो दिखा रहे हैं, लेकिन उनके पास न तो स्मार्ट फोन है, और न ही चलाना आता। इससे पिछले 11 दिनों में किसी का 4 तो किसी के 6 दिन की हाजिरी ही लगी है। वहीं कई लोग तो ऐसे हैं कि उनकी एक भी दिन की हाजिरी नहीं हुई है। राज्य शासन ने निकायों में निष्ठा एप के जरिए अफसरों और कर्मचारियों को हाजिरी दर्ज कराने का फरमान जारी किया है। इसके पहले बिलासपुर निकाय में थंब मशीन से हाजिरी दर्ज कराने के लिए थंब इंप्रेशन मशीन लगाई गई थी जो कुछ दिन चलने के बाद ठप पड़ गई। अब ये मशीन धूल खाती पड़ी है।
ऐसे दर्ज करानी है उपस्थिति : अफसरों व कर्मचारियों को अपने स्मार्ट मोबाइल फोन पर निष्ठा एप डाउनलोड करना है। इसके बाद क्लिक करके रजिस्ट्रेशन कराना है। रजिस्ट्रेशन के लिए कॉल करने पर वहां से जिला, निकाय, नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, विभाग, आधार की प्रति, आधार नंबर कोड करने पर कर्मचारी का आईडी बनेगा और स्टॉल होने के बाद कार्यस्थल या फील्ड में खड़े होकर अपनी सेल्फी लेकर भेजना है। यस या नो का ऑप्शन आने पर उसे ओके करने के बाद अटेंडेंस के संबंध में मैसेज आ जाएगा, तब अटेंडेंस पूरी होगी। इसके लिए कर्मचारियों को सुबह 10 बजे और शाम को ड्यूटी ऑफ होने पर कार्यस्थल या फिर फील्ड से सेल्फी लेकर उपस्थिति दर्ज कराना होगा।
4 हजार की नौकरी, 10 हजार का मोबाइल : नगर निगम के विभिन्न विभागों में ठेके और टॉस्क तथा दैनिक कर्मी के बतौर कार्य करने वाले कर्मचारी इस नए फरमान से हलाकान हैं। स्थिति यह है कि कर्मचारियों को 10-10, 15-15 माह से वेतन ही नहीं मिल रहा है और ऊपर से निष्ठा परखने के लिए 10-10 हजार का मोबाइल लेकर हाजिरी दर्ज करने कहा जा रहा है।
ये आ रही दिक्कत : इस नए फरमान के कारण कर्मचारी संकट में हैं। बहुत से कर्मचारियों के पास ऐसा फोन ही नहीं है। या है तो उन्हें मोबाइल ही ऑपरेट करना नहीं आता। कभी नेट तो कभी सर्वर का प्रॉबलम है, जिसके कारण ऐसे कर्मचारी जो मोबाइल चलाना जानते हैं उनकी हाजिरी भी दर्ज नहीं हो पाती।
शासन के आदेश का पालन कर ारहे है : निष्ठा एप का संचालन राजधानी रायपुर से हो रहा है। इसमें जो खामियां हैं उसके निराकरण के लिए काम कर रहे हैं। रोज लोग आते हैं निराकरण कर रहे हैं। जिनके पास मोबाइल नहीं है या जिन्हें चलाना नहीं आता या पैसे की दिक्कत है उसके लिए कुछ नहीं कर सकते। शासन का आदेश है पालन करा रहे हैं।
सोम शेखर, सहायक अभियंता, नगर निगम बिलासपुर
Published on:
12 May 2018 01:35 pm
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