वर्ष 2019 में नगर निगम का परिसीमन करने के साथ मंगला ग्राम पंचायत को नगर निगम में शामिल किया गया था। मंगला को वार्ड नंबर 16 बनाते हुए कुदुदंड के एक छोर से उसलापुर ओवर ब्रिज तक इसका क्षेत्र तय किया गया था। साथ ही मंगला से लोखंडी की सरहद तक यह वार्ड फैला है। पिछले 4 वर्षों में यहां नगर निगम की ओर से सिर्फ डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की सुविधा शुरू की गई थी, लेकिन अब यह सुविधा सप्ताह में 2-3 दिन ही लोगों को मिल पा रही है। लोगों को कचरा फेंकने के लिए आज भी खुली जगह का मजबूरी में उपयोग करना पड़ रहा है। वार्ड में रहने वालों ने कई बार नालियों के निर्माण , स्ट्रीट लाइट और सफाई के लिए नगर निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या का समधान नहीं हो पा रहा है।
नालियां नहीं घर में घुस रहा पानी
मंगला निवासी अघनिया बाई श्रीवास ने बताया कि मंगला में नालियाें का निर्माण नहीं होने के कारण बारिश में सड़क से घरों में पानी भर रहा है। नालियों का निर्माण होने से समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
टैक्स ले रहे तो सुविधाएं भी दें
मंगला निवासी दिलहरण यादव ने बताया कि नगर निगम प्रतिवर्ष उनके टैक्स ले रहा है। टैक्स का भुगतान करने वाले शहर वासियों को पूरी सुविधाएं मिल रही है। टैक्स के मुकाबले निगम को सुविधाएं भी देनी चाहिए।
सफाई नहीं होने से परेशानी
मंगला निवासी व व्यवसायी चिरंजीवी चन्द्रा ने बताया कि सफाई नहीं होने से मंगला में गंदगी का आलम रहता है। सफाई के लिए नगर निगम के जोन कार्यालय के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहींहुआ है।
सड़क पर गंदगी , चलना दूभर
मंगला निवासी सुरेन्द्र वैष्णव ने बताया कि नालियां नहीं होने से बारिश होते हुए सड़क पर गंदगी बहकर आती है ,जिससे सड़क पर चलना दूभर हो जाता है। नालियों के बन जाने से समस्या का समाधान हो जाएगा।
स्ट्रीट लाइट नहीं
मंगला निवासी व कारपेंटर अमित ने बताया कि नगर निगम में शामिल होने के बाद से अब तक मंगला में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है। महर्षि रोड से उसलापुर रोड तक शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है।